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भारतीय छात्रों को ठग रहे ऑस्ट्रेलियाई कॉलेजों के एजेंट
Agency Wednesday, August 26, 2009 01:46 [IST]  

कैनबरा. ऑस्ट्रेलिया में भारतीय विद्यार्थियों के साथ नस्ली र्दुव्‍यवहार की पृष्ठभूमि में भारत ने इस देश के शिक्षण संस्थाओं के एजेंटों पर भारतीय युवाओं को ठगने का आरोप लगाया है। इन शिक्षण संस्थानों के एजेंट हेयर-ड्रेसिंग जैसे पाठ्यक्रमों के माध्यम से भारतीय छात्रों को स्थाई निवास का वादा करके छल रहे हैं।



भारत के उप उच्चयुक्त वीके शर्मा और मेलबोर्न में वाणिज्य दूत अनीता नैयर ने बताया कि ऑस्ट्रेलिया में पिछले कुछ वर्र्षो में निजी व्यावसायिक शिक्षण संस्थानों में तेजी से वृद्धि हुई है। भारतीय विद्यार्थी इन संस्थानों में भारत में बैठे उनके एजेंटों के जरिए प्रवेश लेते हैं, लेकिन ये एजेंट उन्हें सही जानकारी मुहैया नहीं कराते हैं।



शर्मा ने बताया कि एजेंट विद्यार्थियों को सुझाव देते हैं कि ऑस्ट्रेलिया में क्षेत्र विशेष में कर्मचारियों की भारी मांग है और उस कोर्स में प्रवेश लेने पर उनका वहां स्थाई तौर पर निवास पक्का हो जाएगा। लेकिन यहां आने पर ठगा महसूस होने के बाद विद्यार्थियों को अपना खर्चा चलाने के लिए रात में काम करना पड़ता है और काम से लौटते वक्त वे आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के शिकार बन जाते हैं।



ऑस्ट्रेलिया में 90 हजार भारतीय छात्र : पिछले तीन वर्र्षो में ऑस्ट्रेलिया में उच्च शिक्षा के लिए जाने वाले भारतीय विद्यार्थियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। 2006 के मुकाबले 2007 में इसमें 164 फीसदी वृद्धि देखी गई, जबकि 2008 में इसके पिछले वर्ष से 94 फीसदी ज्यादा भारतीय विद्यार्थी ऑस्ट्रेलिया गए। वर्तमान में वहां 97,000 भारतीय विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। इनमें से आधे निजी व्यावसायिक कॉलेजों में अध्ययनरत हैं।

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