Ludhiana
एक दिन के लिए मिली चैन की सांस
भास्कर न्यूज Wednesday, August 26, 2009 08:59 [IST]  

लुधियाना. जो सफर करीब एक घंटे में तय हो पाता है, वह भी मिनटों में तब्दील हो गया। आटो से उत्पन ट्रैफिक समस्या से सबसे अधिक राहत घंटा घर चौक, लोकल अड्डा, जगराओं पुल, सीएमसी रोड, बस स्टैंड, फिरोजपुर रोड के रेड सिग्नल पर रही, यहां आम दिनों के मुकाबले ट्रैफिक जाम नहीं रहा। ट्रैफिक कर्मियों को भी यातायात संचालन में ज्यादा मशक्कत नहीं करनी पड़ी। हालांकि पब्लिक ट्रांसपोर्ट का कोई और जरिया न होने की वजह से एक से दूसरी मंजिल तक जाने में लोगों को परेशानी भी हुई, पर अधिकतर लोगों ने ट्रैफिक समस्या, जहरीले धुएं आदि से निजात मिलने से लोगों ने खुशी भी जताई है।



महानगर में करीब 14 हजार आटो रिक्शा ही जिला परिवहन विभाग के पास रजिस्टर्ड है, जबकि 20—25 हजार आटो रिक्शा अवैध तरीके से चल रहे हैं। शहर के अधिकांश लोग सफर करने के लिए लोकल ट्रांसपोर्टेशन पर निर्भर है। परिवहन व्यवस्था न होने पर लोगों के पास आटो के अलावा कोई विकल्प भी नहीं। सरकारी व्यवस्था मंे ही कमी होने की वजह से शहर में अवैध आटो को बढ़ावा मिल रहा है। वातावरण दूषित होने की रिपोर्ट पर हाईकोर्ट ने एक याचिका पर फैसला सुनाते हुए परिवहन विभाग को आदेश दिया है कि डीजल पर चलने वाले आटो रिक्शा को परमिट न दिए जाए। वातावरण प्रेमियों ने भी इस फैसले पर खुशी जताई है। शहर के लोग भी आटो रिक्शा व अन्य वाहन पैट्रोल—डीजल की बजाय एलपीजी और सीएनजी पर चलाए जाने के पक्ष में है।



25 फीसदी बढ़ी रेडियो कैब्ज की मांग



महानगर में आटो रिक्शा चालकों की हड़ताल से जहां लोगों को परेशानी उठानी पड़ी, वहीं रेडियो कैब्ज की डिमांड भी खूब रही। हड़ताल के कारण मंगलवार को आम दिनों के मुकाबले में रेडियो कैब्ज की डिमांड में वृद्धि दर्ज की गई। मैगा रोडियो कैब्ज लुधियाना ब्रांच के मैनेजर अजय शर्मा बताते हैं कि हड़ताल के मद्देनजर रेडियो कैब्ज की डिमांड में करीब 25 फीसदी वृद्धि दर्ज की गई। शर्मा के मुताबिक रोजाना शाम पांच बजे तक उनके यहां करीब 200 कॉल रेडियो कैब बुकिंग के लिए आती हैं।



जबकि मंगलवार को आटो रिक्शा चालकों की हड़ताल के चलते 250 से अधिक कॉल रिकार्ड की गईं। उधर, हड़ताल के कारण साइकिल रिक्शा चालकों की भी चांदी रही। जिन लोगों में रेडियो कैब में सफर करने की क्षमता नहीं थी, उन्होंने साइकिल रिक्शा का सहारा लिया। मजबूरी में वे साइकिल रिक्शा चालकों को भी मुंह मांगी कीमत देते दिखे।



राहत



भले एक दिन के लिए सही, मंगलवार को लोगों ने राहत की सांस ली। हड़ताल के दौरान हजारों आटो शहर की सड़कों से गायब रहे। किसी क्षेत्र मंे ट्रैफिक जाम नहीं हुआ। शहर की आबो हवा भी बदली रही। लोगों को आटो से निकलने वाले जहरीले धुएं से भी निजात मिली। रेलवे रोड पर ट्रैफिक बहुत स्मूथ रहा।

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