ये है तंग्राम यानी सात टुकड़ों से बनी आकृतियों का खेल। तंग्राम एक हÊार साल पुराना चीनी खेल है। इस खेल को बनाना आसान हैं - तंग्राम बनाने के लिए काले कागज की शीट अच्छी रहेगी। वैसे जूते या चप्पल के सोल (साफ और उपयोग में न आने वाले) यानी तलवे में लगने वाले काले रबर से भी बना सकते हैं।
यदि आप इस मोटे रबर का उपयोग तंग्राम बनाने में करते हैं, तो इसके फटने या खराब होने का डर भी नहीं रहेगा। आप चाहें तो लकड़ी की पतली पट्टी से भी इसे बना सकते हैं। रबर के सोल या मोटे कागज को वर्गाकार काटें। अब जैसा चित्र में दिखाया गया है, उसी तरह से इस वर्ग को सात टुकड़ों में काट लें। लीजिए बन गया तंग्राम। अब आप इन सात टुकड़ों को जमाकर फिर से वर्गाकार आकृति बनाइए। क्या हुआ नहीं कर पाए, हुई न ये भी एक मजेदार पहेली।
तंग्राम दिखने में साधारण सात टुकड़ों का खेल लगता है मगर इन सात टुकड़ों की मदद से एक से एक आकृतियां बनाई जा सकती हैं जैसे त्रिकोण, चतुर्भुज, समानांतर चतुभरुज, मनुष्य के दौड़ते, भागते, गिरते, खेलते, बैठते, उठते, नाचते, तैरते हुए चित्र, बिल्ली, कुत्ते, पुल, दुकान, मकान आदि-आदि के चित्र।
सात टुकड़ों के इस साधारण खेल के बारे में नेपोलियन ने कहा था - जब से मेरे हाथ सात टुकड़ों का खेल लगा है इससे बढ़कर मेरे लिए और कोई खेल नहीं। इन सात टुकड़ों को ऊपर-नीचे, दाएं-बाएं, आगे-पीछे जमाने में एड़ी-चोटी का Êाोर लग जाता है और जब मनचाही आकृति बन जाती है, तो मन को आराम मिलता है। इस खेल पर कई किताबें भी लिखी जा चुकी हैं।
खेल के नियम - जो भी आकृति बनाई जा रही है, उसमें सातों टुकड़ों का इस्तेमाल होना चाहिए।