नई दिल्ली. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ तथा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत के बाद पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने रविवार को साफ किया है कि राजनाथ सिंह को अध्यक्ष के रूप में दूसरी पारी खेलने का मौका नहीं दिया जाएगा। साथ ही, उन्होंने कहा कि लोकसभा में नेतृत्व में कोई बदलाव नहीं होगा तथा लालकृष्ण आडवाणी विपक्ष के नेता बने रहेंगे।
भागवत-आडवाणी की मुलाकात : जावड़ेकर ने यह जानकारी संघ प्रमुख मोहन भागवत तथा आडवाणी के बीच रविवार सुबह हुई मुलाकात के बाद दी। यह बैठक आडवाणी के नई दिल्ली स्थित निवास पर हुई थी। मुलाकात में भागवत के साथ मौजूद रहे संघ नेता मदनदास देवी ने दोहराया कि भाजपा अपने भविष्य के बारे में फैसला खुद करेगी। देवी ने आडवाणी को पार्टी का ‘वरिष्ठतम नेता’ बताया। उन्होंने कहा कि यह स्वाभाविक है कि वे (आडवाणी) तथा अन्य भाजपा नेता भागवत से मिलकर पार्टी व देश के मौजूदा हालात पर चर्चा करें। शनिवार को भागवत ने भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी से उनके घर पर मुलाकात की थी।
प्रधानमंत्री को सुझाव : जावड़ेकर ने यह भी बताया कि राजनाथ ने प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह को पत्र लिखकर कहा है कि वे भाजपा के बारे में चिंता करना बंद कर दें। इसके बजाय वे सूखा तथा महंगाई से निपटने की चिंता करें। प्रधानमंत्री ने शनिवार को कहा था, ‘भाजपा में हालात अच्छे नहीं है। भले ही यह भाजपा का अंदरूनी मामला है, लेकिन लोकतंत्र में राजनीतिक दलों में स्थिरता काफी जरूरी है, अन्यथा इसका देश पर भी प्रभाव पड़ सकता है।’