समाना. रविवार रात शहर व आस पास के क्षेत्रों में आसमान में एक प्रकाश पिण्ड दिखाई दिया। लोगों में इसे लेकर विभिन्न बातें हो रही हैं। कुछ का मानना है कि यह कोई उडनतश्तरी है या किसी दूसरे गृह का यान बता रहे थे। कुछ इसे एलियन्स विमान मान रहे थे। लोगों ने करीब दो घंटे तक यह नजारा देखा। लोगों का कहना है कि रविवार रात आसमान में पेंडूलम के आकार की एक रोशनी दिखाई दी।
यह रोशनी दो घंटे तक आकाश में झूलती रही। पूरे क्षेत्र में यह रोशनी दिखने से लोगों ने यह सूचना मोबाइल व फोन से अपने संबंधियों को दी। लोगों ने छतों पर चढ़ कर यह नजारा देखा। रात करीब 10 बजे के बाद यह रोशनी अपने आप लुप्त हो गी। को इस रौशनी संबंधी सूचित कर रहे थे। लोग धरों की छत्तों और ऊंचे स्थानों पर खड़े होकर इस आलौकिक रौशनी को देख नजारा ले रहे थे। रात दस बजे के बाद यह रोशनी खुद ही अलोप हो गई।
विज्ञान की नजर में क्या है यह प्रकाश पिण्ड
विज्ञान के विशेषज्ञ इस प्रकाश पिण्ड के पीछे दो संभावनाएं बता रहे हैं उनका कहना है कि यह या तो ओपटिक्ल फाइबर लाइट से इमेज बनाई गई है। जिसके तहत लाइट को एक मीडियम से गुजर कर सतह से टकराने पर इमेज क्रिएट करती है। जैसा कि बिल्कुल पार्को में लगे फैंसी फव्वारों में होता है।
हो सकता है कि किसी ने यह लाइट छोड़ी हो और बादल छाए होने की वजह से लाइट ने इमेज बना दी, जोकि पेंडूलम के आकार की थी। यह भी हो सकता है कि यह एक यूएफओ (अनआईडेंटिफाइड फ्साइंग ओबजेक्ट) हो।
इस बारे में भी वैज्ञानिकों में आम सहमति नहीं है क्योंकि सिर्फ एक धारणा है। विज्ञान अध्यापक सुरेंदर जिंदल, जोकि सरकारी हाई स्कूल कुलारां में मुख्य अध्यापक हैं, ने बताया कि अभी तक इस रोशनी के बारे में कुछ स्पष्ट नहीं कहा जा सकता। इसके बारे में सिर्फ संभावना ही लगाई जा रही है।
इसके पीछे यह दोनों कारण हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि हो सकता है कि यूएफओ, जिसे एलियन्स विमान भी कहा जाता है, से दूसरे गृह के प्राणी पृथ्वी के वायुमंडल में आए हों। वायुमंडल में आते ही यह प्रकाश पिण्ड दिखाई दिया। लेकिन यह सिर्फ संभावना ही है।