भास्कर विशेषः पूर्व राजकुमार पारस 2001 से लेकर 2008 में राजतंत्र भंग होने तक नेपाल के ताज के प्रत्यक्ष वारिस थे। वे नेपाल के आखिरी नरेश ज्ञानेंद्र के इकलौते बेटे थे। जुलाई 2008 में नेपाल से भागने के बाद पारस ने सिंगापुर में अपना ठिकाना बना रखा है। हमेशा विवादों में छाए रहने वाले पारस पर नकली नोटों की भारत में सप्लाई के तार उनसे जुड़े होने का ताजा आरोप लगने के बाद वे फिर सुर्खियों में आ गए हैं।
गिरफ्तार सौदागर ने किया भंडाफोड़
उप्र के बहराइच में गिरफ्तार नकली नोटों के सौदागर विक्की मनिहार के मुताबिक-
दाऊद जाली नोटों की प्रिंटिंग का काम देखता है।
पारस इन नोटों को सही जगह पहुंचाने का इंतजाम करता है। युनूस इन दोनों के बीच मध्यस्थ का काम करता है।
आईएसआई से भी जुड़ाव
1. नकली नोटों की भारत में सप्लाई के तार पारस से जुड़े हैं।
2. भारत की अर्थव्यवस्था कमजोर करने की साजिश से जुड़े हैं पारस।
3. आईएसआई से भी हैं संबंध।
रातोरात नकली नोटों को बदला असली में
यह शक लंबे समय से बना हुआ था कि राजघराने के तार नकली नोटों के कारोबारियों से जुड़े हैं। ज्ञानेंद्र के शासनकाल में इसकी पुष्टि भी हुई जब सिमरा एयरपोर्ट पर पकड़ी गई जाली नोटों की बड़ी खेप रातोरात असली नोटों में तब्दील हो गई थी।
जानकारों का कहना है कि ऐसा सरकार की मिलीभगत के बिना संभव नहीं था। अब युनूस अंसारी का नाम आने से शक और पुख्ता हो गया है। युनूस समाजवादी पार्टी के नेता और राजा ज्ञानेंद्र के शासनकाल में कैबिनेट मंत्री रहे सलीम अंसारी का बेटा है। युनूस को पारस का शार्गिद भी माना जाता है।
बहुत बड़े पियक्कड़
राजकुमार पारस नेपाल में बहुत ही अलोकप्रिय थे। हिंसात्मक गतिविधियों और शराब पीकर गाड़ी चलाने के कई मामलों के कारण उनकी ऐसी छवि बनी। वे बड़े पियक्कड़ थे। एक बार शराब पीकर गाड़ी चलाते हुए पारस को पुलिसकर्मी ने रोका तो उन्होंने अपनी ऑटोमैटिक बंदूक की बट से उस पर वार किया। एक अन्य पुलिसवाले पर भी उन्होंने हमला कर दिया था, उसने गाड़ी में गलत लाइट लगाने से रोका था।
6 सितंबर 2007 को सीने में दर्द के कारण पारस को मिल्रिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने इसे माइल्ड हार्ट अटैक बताते हुए बैलून एंजिओप्लास्टी की और खानपान और लाइफ स्टाइल बदलने की हिदायत दी।
गायक को कुचला कर मार डाला
अगस्त 2000 में पारस पर आरोप था कि उन्होंने मशहूर गायक प्रवीण गौरंग को कार से कुचल कर मार डाला था। तब ऑल नेपाल नेशनल फ्री स्टूडेंट्स यूनियन ने एक याचिका दायर की जो राजमहल भेजी गई। पुलिस जांच की नौटंकी भी हुई लेकिन पारस के खिलाफ कोई कदम नहीं उठाया गया।
पूर्व राजकुमार का जीवन परिचय
पूरा नाम : पारस बीर बिक्रम शाह देव
जन्म : 30 दिसंबर 1971, नेपाली राजघराने में
जन्म स्थान : काठमांडू, नेपाल
पत्नी : हिमानी राज्य लक्ष्मी देवी शाह
बच्चे : पूर्णिका, हृदयेंद्र और कृतिका
पिता : पूर्व नेपाल नरेश- ज्ञानेंद्र
माता : कोमल
अतीत का पारस
पारस की शुरुआती शिक्षा दार्जीलिंग के सेंट जोसेफ स्कूल, काठमांडू के बुद्धनीलकांता स्कूल और लैबोरेटरी स्कूल में हुई। इसके बाद उन्होंने अमेरिका की स्कीलर इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी में बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में अंडरग्रेजुएट डिग्री के लिए दाखिला लिया लेकिन वे इसे पूरा नहीं कर पाए।
सीकर के हैं दामाद
पारस की शादी 25 जनवरी 2000 को सीकर की प्रिंसेली परिवार में हिमानी राज्य लक्ष्मी देवी शाह से हुई थी। उनके तीन बच्चे हैं। राजकुमारी पूर्णिका, राजकुमार हृदयेंद्र और राजकुमारी कृतिका। उनकी एक बहन प्रेरणा हैं।
28 मई 2008 को राजतंत्र को आधिकारिक रूप से अप्रभावी कर सेकुलर फेडरल रिपब्लिक ने कब्जा कर लिया था। इसके बाद जुलाई 2008 में राजकुमार पारस सिंगापुर चले गए।