Jaipur
रावतभाटा परमाणु बिजलीघर ने लिखा नया अध्याय
Bhaskar News Wednesday, September 02, 2009 02:33 [IST]  

Power रावतभाटा. भारत-अमेरिका परमाणु करार की सफलता का पहला अध्याय राजस्थान परमाणु बिजलीघर की दूसरी इकाई के उत्पादन शुरू होने से लिख दिया गया। मंगलवार सुबह 10.22 बजे 220 मेगावाट क्षमता की राजस्थान परमाणु बिजलीघर की दूसरी इकाई ने विद्युत उत्पादन शुरू कर दिया, जिसे ग्रिड से जोड़ दिया गया। इस इकाई से सोमवार को 140 मेगावाट तक विद्युत उत्पादन किया गया। धीरे-धीरे इसकी क्षमता बढ़ाकर 200 मेगावाट की जाएगी। नियमानुसार इस इकाई की बिजली राजस्थान को मिली है।



राजस्थान परमाणु बिजलीघर के स्थल निदेशक सीपी झाम्ब और केंद्र निदेशक वाईके जोशी ने मंगलवार को कहा कि यूरेनियम फ्यूल की कमी के कारण इकाई से उत्पादन शुरू नहीं हो पाया था। परमाणु करार के बाद आए यूरेनियम फ्यूल से इकाई में उत्पादन शुरू हो सका। मुख्य अधीक्षक आरके अग्रवाल ने बताया, परमाणु करार के तहत भारत में ३क्क् टन यूरेनियम फ्यूल फ्रांस से हैदराबाद में पहुंच चुका है। रूस के साथ हुए करार में 30 टन फ्यूल आया है। उनका फेब्रिकेशन का कार्य चल रहा है। परमाणु बिजलीघर में शुरुआत में 60 टन यूरेनियम फ्यूल की जरूरत होती है।



वर्तमान में 5 परमाणु बिजलीघर में यूरेनियम फ्यूल भरने की मात्रा उपलब्ध है। इसके अलावा 2 हजार टन यूरेनियम फ्यूल का करार रूस के साथ हो चुका है। इस तरह हमारे पास अगले 5 साल का फ्यूल उपलब्ध हो जाएगा।



29 साल पुरानी है दूसरी इकाई : कनाडा के सहयोग से बनी राजस्थान परमाणु बिजलीघर की दूसरी इकाई 29 साल पुरानी है। इस इकाई को 1 नवंबर 1980 को ग्रिड से जोड़कर पहली बार सिंक्रोनाइज किया गया था। तब से इकाई में 27732 मिलियन यूनिट उत्पादन किया गया था।



हर रोज बनेगी 1 करोड़ 44 लाख की बिजली



राजस्थान परमाणु बिजलीघर की दूसरी इकाई का उत्पादन 200 मेगावाट होता है तो हर रोज लगभग १ करोड़ ४४ लाख रुपए की बिजली का उत्पादन होगा। 200 मेगावाट से 48 लाख यूनिट बिजली प्रतिदिन बनेगी।



5वीं इकाई से उत्पादन नवंबर तक : राजस्थान परमाणु बिजलीघर की पांचवीं इकाई का यूरेनियम फ्यूल इसी माह आने की उम्मीद है, जिससे निर्माणाधीन यह इकाई नवंबर तक उत्पादन करने लगेगी, जबकि छठीं इकाई में मार्च तक उत्पादन प्रारंभ हो जाएगा। वहीं, तीसरी-चौथी इकाई को भी मार्च तक पूरा फ्यूल मिल जाएगा, जिससे राजस्थान को उसके हिस्से की पूरी बिजली मिलेगी।



नामीबिया से भी हुआ परमाणु समझौता : स्थल निदेशक सीपी झाम्ब ने बताया कि परमाणु ऊर्जा सहयोग समझौते के क्रम में सोमवार को परमाणु ऊर्जा विभाग और नामीबिया के बीच में समझौता हुआ।



सातवीं इकाई से 130 मेगावाट का उत्पादन



कोटा सुपर पावर थर्मल की सातवीं इकाई में 130 मेगावाट बिजली उत्पादन शुरू कर दिया गया है। सोमवार को इसे 195 मेगावाट पर चलाकर देख लिया गया था। मुख्य अभियंता टी.के.बरड़िया ने बताया, गुरुवार तक इकाई को पूरी क्षमता पर ले आया जाएगा।

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