इस्लामाबाद. ऐसा प्रतीत होता है कि सऊदी अरब का शाही परिवार पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ को राजद्रोह के मामले से बचाने की कोशिश में लगा है। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता व पाक गृह मंत्री रहमान मलिक की सऊदी अरब की लगातार दो यात्राओं से ऐसी अटकलों को बल मिला है। खास बात यह है कि फिलहाल मुशर्रफ भी शाही परिवार के मेहमान के रूप में सऊदी अरब में मौजूद हैं।
जेद्दा में सोमवार शाम मुशर्रफ के आगमन के लिए राजकीय प्रोटोकाल की व्यवस्था की गई थी। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, मुशर्रफ को लंदन से लाने के लिए सऊदी अरब ने एक विशेष विमान भेजा था। माना जा रहा है कि मुशर्रफ कई महीनों तक यहां रुकेंगे। रिपोर्ट के मुताबिक, सोमवार को मुशर्रफ और सऊदी अरब के सुल्तान अब्दुल्ला बिन अब्दुल अजीज के बीच मुलाकात लगभग तीन घंटे चली थी। मलिक ने भी अपनी सरकारी यात्रा के अंत में सोमवार को सऊदी सुल्तान से मुलाकात की थी।
प्रतिद्वंद्वी भ्रमित
पाकिस्तानी अखबार डॉन ने अपनी रिपोर्ट में कहा, ‘सऊदी अरब में मुशर्रफ को मिले सम्मान से उनके प्रतिद्वंद्वी भ्रमित हैं।’ रिपोर्ट के मुताबिक, शाही परिवार के रुख से इन आशंकाओं को बल मिला है कि वह अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेता नवाज शरीफ को मुशर्रफ पर राजद्रोह का मुकदमा चलाने की उनकी मांग वापस लेने के लिए मना रहा है।
पीएमएल-एन का इनकार
राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि मुशर्रफ भी चाहते हैं कि शाही परिवार उन्हें बचाने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करें। वहीं, पीएमएल-एन के प्रवक्ता परवेज रशीद ने कहा कि शाही परिवार से शरीफ को इस संबंध में कोई आधिकारिक संदेश नहीं मिला है।
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