भारती शिपयार्ड अपने दो प्रमोटर निदेशकों को शेयरों में बदले जा सकने वाले वारंट जारी करेगी। ये वारंट कंपनी की मौजूदा चुकता (पेडअप) पूँजी के 5% के बराबर होंगे। दोनों निदेशकों को मौजूदा इक्विटी के 2.5-2.5% हिस्से के बराबर वारंट जारी होंगे। कंपनी के निदेशक बोर्ड ने गुरुवार 3 सितंबर को अपनी बैठक में यह फैसला लिया। इस प्रस्ताव पर शेयरधारकों की मंजूरी ली जायेगी।
साथ ही कंपनी ने शेयर जारी कर पूँजी जुटाने के और भी विकल्पों पर विचार करने का फैसला किया है। इसके लिए कंपनी की अधिकृत शेयर पूँजी को 40 करोड़ रुपये से बढ़ा कर 50 करोड़ रुपये किया जायेगा।
भारती शिपयार्ड इस समय ग्रेट ऑफशोर के नियंत्रण की खींचतान में भी उलझी है। इसके लिए भारती शिपयार्ड और एबीजी शिपयार्ड दोनों ही अपने-अपने खुले प्रस्ताव सामने रख रही हैं। दोनों ही कंपनियों ने ग्रेट ऑफशोर के शेयरधारकों के लिए अपने-अपने खुले प्रस्तावों के भाव बढ़ाये भी। भारती शिपयार्ड के पास पहले से ही ग्रेट ऑफशोर के 19% शेयर हैं।
आज बीएसई में भारती शिपयार्ड का शेयर 0.30 रुपये या 0.16% की मामूली बढ़त के साथ 191.05 रुपये पर बंद हुआ। हालाँकि इससे पहले यह आज के कारोबार में 196.70 रुपये के ऊँचे स्तर तक गया था। (© शेयर मंथन, 03 सितंबर 2009)