इस बुधवार 9 सितंबर को अर्धरात्रि १२ बजे के बाद शनि का कन्या राशि के उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के दूसरे चरण में प्रवेश होगा।
सभी ग्रहों में शनि को न्यायाधीश माना गया है। यह मनुष्य को कर्मो के अनुसार अच्छा या बुरा फल देते हंै। शनि चाहें तो मनुष्य को रंक से राजा तक बना सकते हंै। गोचर में जब शनि जन्मराशि पर उससे अगली राशि पर या बारहवीं राशि पर हो तो शनि की साढ़े साती होती है। शनि के कन्या राशि में प्रवेश के साथ ही तुला राशि वालों को शनि की साढ़े साती प्रारंभ हो जाएगी। साढ़े साती तुला, कन्या और सिंह राशि वालों को रहेगी। कर्क राशि वाले जातक शनि की साढ़े साती से मुक्त हो जाएंगे।
राशियों पर प्रभाव और उपाय
मेष x शनि का कन्या में प्रवेश मेष राशि के लिए अति शुभ है। समस्याओं का समाधान होगा। रोग, ऋण और शत्रु से मुक्ति मिलेगी।
उपाय शनिवार को बहते जल में नारियल प्रवाहित करें। शनिवार के दिन काली गाय को रोटी खिलाएं।
वृष x शनि की ढैया से प्रभावित इस राशि वाले अब शनि के कंटक के प्रभाव में रहेंगे। संतान संबंधित चिंता और विद्या में अड़चन आ सकती है।
उपाय हर शनिवार काले कुत्ते को रोटी खिलाएं। घर में एक ही स्थान पर सोना, तांबा या चांदी रखें और उसे वहां से कभी न हटाएं।
मिथुन शनि के ढैया के प्रभाव में होने से समय प्रतिकूल रहेगा। जीवन में उतार-चढ़ाव आएंगे। माता संबंधी कष्ट हो सकता है।
उपाय शनिवार का व्रत रखें। < काले कौए को दाना खिलाएं। तेल, काली उड़द और काले कपड़ों का दान करें।
कर्क शनि के राशि परिवर्तन का विशेष लाभ होगा। आप शनि की साढ़े साती से मुक्त हो जाएंगे। नौकरी और व्यवसाय में लाभ मिलेगा।
उपाय घर की दहलीज पर लोहे की कील ठोकें। धन वृद्धि के लिए घर के एकांत में शनि की चीजें जैसे, लोहा, उड़द, तेल, सुरमा आदि स्थापित करंे।
सिंह शनि की साढ़े साती का अंतिम चरण चलेगा। कुछ शुभ तो कुछ अशुभ फल भी मिलेंगे।
उपाय शनिवार को पीपल के नीचे दीपक जलाएं। भिखारी को शनिवार के दिन अपनी पहनी हुई पादुकाएं दान करें। मछलियों को आटे की गोलियां डालें।
कन्या शनि का इसी राशि में प्रवेश हो रहा है। साढ़े साती का द्वितीय चरण यहां से प्रारंभ होगा। आर्थिक और शारीरिक समस्याएं
हो सकती हंै। पारिवारिक दृष्टि से समय अनुकूल नहीं रहेगा।
उपाय तांबे के सर्प को शनिवार के दिन नदी में प्रवाहित करें। < काला सुरमा जमीन में दबाएं। < तवा-अंगीठी का दान लाभकारी होता है।
तुला इस राशि वालों के लिए शनि योगकारी है।
शनि तांबे के पाये पर होने से प्रारंभ के ढाई वर्ष ठीक व्यतीत होंगे।
उपाय दशरथ कृत शनि स्रोत का नित्य पाठ करें। लोहे के पात्र में तेल भरकर उसमें अपना चेहरा देखकर शनि भगवान की प्रतिमा पर तेलाभिषेक करें। यह प्रयोग छाया दान कहलाता है।
वृश्चिक इस राशि वालों के लिए शनि अत्यधिक लाभदायक सिद्ध होगा। शनि ग्रह एकादश भाव से गोचर करेंगे। आय में वृद्धि व नौकरी में तरक्की होगी।
उपाय शनिवार के दिन कुएं में कच्च दूध डालें। < कौओं को रोटी के टुकड़े डालें। < घर से निकलते समय जल से भरा पात्र नित्य देखकर निकलें।
धनु इस राशि वालों के लिए शनि का गोचर भ्रमण दशम भाव पर होगा, जिससे कार्यो में वृद्धि होगी।
उपाय पीले रंग का रूमाल हमेशा अपने पास रखें। < शनिवार को हनुमान चालीसा का पाठ करें। < पीले लड्डू गुरुवार के दिन बांटंे। ४३ दिन तक दाल और चना बहते जल में बहाएं।
मकर इस राशि वालों को शनि की ढैया समाप्त हो जाएगी। यहां शनि का भ्रमण नवम भाव पर से होगा जो कि मध्यम फलदायी होगा।
उपाय साबुत हरे मूंग मिट्टी के बर्तन में भरकर नदी में प्रवाहित करंे। शनिवार के दिन कच्च दूध कुएं में डालें।
कुंभ इस राशि के लिए शनि का भ्रमण अष्टम भाव से होगा और ढैया का प्रभाव भी रहेगा। स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं हो सकती हं।
उपाय गले में चांदी धारण करें। < आठ किलो काली उड़द नदी में प्रवाहित करें। सोमवार को चावल का दान करें। स्नान के पानी में थोड़ा कच्च दूध डालें।
मीन इस राशि वालों के लिए शनि का भ्रमण सप्तम भाव से होगा, जो कि मध्यम फलदायी होगा। दांपत्य सुख में कमी, साझेदारी के व्यापार में कष्ट आ सकते हैं।
उपाय मिट्टी के पात्र में शहद भरकर जमीन में दबाएं। अपने हाथ की मध्यमा ऊंगली में काले घोड़े की नाल का छल्ला धारण करें। < बांसुरी में शक्कर भरकर सुनसान जगह में दबाएं।