सचिन तेंदुलकर दुनिया के सबसे बड़े बल्लेबाज़ हैं। उनके नाम दुनिया के सबसे ज्यादा वनडे रन,वनडे शतक और अर्धशतक हैं, सबसे ज्यादा मैन ऑफ़ द मैच अवार्ड और मैन ऑफ़ द सीरीज़ अवार्ड्स सचिन ने जीते हैं और किसी को भी उनकी क्षमता पर शक नहीं है,लेकिन सचिन के प्रशंसक हों या आलोचक सभी ने इस बहस में कभी न कभी हिस्सा ज़रूर लिया होगा की सचिन बड़े मैचों खासकर फाइनल में अपने कद के अनुसार प्रदर्शन क्यूँ नहीं करते?
जब भास्कर.कॉम ने इस सवाल की कसौटी पर सचिन को परखा तो सचिन यहाँ भी हर परीक्षा की तरह खरे उतरे।मतलब सचिन पर फाइनल में न चलने का आरोप बिलकुल निराधार है।अगर हम रेकॉर्ड्स पर मुलाहिज़ा फरमाएं तो पाएंगे की सचिन ने अक्सर फाइनल्स को फाइनल टच दिया है।
सचिन का फाइनल टच
सचिन ने अभी तक फाइनल की 38 पारियाँ पारियाँ खेली हैं जिनमे से 6 में उन्होंने शतक ठोंके हैं और 10 बार अर्धशतक बनाया है। यही नहीं फाइनल में उनका स्ट्राइक रेट भी बढ़कर ८७.४१ का हो जाता है ।
फाइनल्स में सचिन का औसत 55.54 का है जोकि उनके करियर के बेहतरीन 44.57 के औसत से कहीं ज्यादा है।
सचिन ने अपने आखिरी तीन फाइनल मैचों में 138,91 और 117 नाबाद की पारियां खेली हैं और ये सभी मैच भारत ने जीते हैं ।
सचिन तेंदुलकर ने अभी तक फाइनल मैचों में 1833 रन बनाए हैं जो की दुनिया में सबसे ज्यादा हैं,यह नहीं इस सूची में दुसरे नंबर पर आने वाले जयसूर्या के रन 1613 हैं जोकि सचिन से बहुत कम हैं ।
सचिन ने फाइनल में सबसे ज्यादा 8 बार मैन ऑफ़ द मैच अवार्ड जीते हैं।
सचिन के पास दुनिया के सबसे ज्यादा 14 मैन ऑफ़ द सीरीज़ अवार्ड्स हैं जो दिखाते हैं की सचिन किस तरह पूरी सीरीज़ में छा जाते हैं ।