रायपुर. करीब16 साल बाद यह पहला मौका था जब पूर्व ओलंपियन ने रायपुर का भ्रमण किया। वे मंगलवार को प्रेस क्लब में प्रेस से मिलिए कार्यक्रम में पत्रकारों से रूबरू हो रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में हॉकी पिछड़ती जा रही है। हॉकी में घरेलू टूर्नामेंट कम खेले जा रहे हैं।
जिससे अच्छे खिलाड़ी सामने नहीं आ पा रहे हैं। इससे पहले होने वाले टूर्नामेंट में अच्छे खिलाड़ी सामने आते थे। इस दौरान उन्होंने बताया कि हॉकी के स्तर को सुधारने क्लब से लेकर डिस्ट्रीक्ट तक और उसके बाद जिला से लेकर नेशनल तक सभी को एक साथ जोड़ने की कवायद करनी चाहिए।। तभी हॉकी के प्रति लगाव बढ़ेगा।
प्रतिभाओं के संबंध में उनका मानना है कि जब तक सही ग्राउंड चाहे वह एथलेटिक हो या फिर हॉकी नहीं होगा तब तक प्रतिभा सामने नहीं आ पाएगी। इसके लिए पहल करना जरूरी है। क्योंकि आज की हॉकी बिना एस्ट्रोटर्फ के नहीं खेली जा सकती। उन्होंने कहा कि हॉकी में अब बदलाव की जरूरत है। इसके लिए चुनाव जरूरी है ताकि नया सोच और नया खून हॉकी के स्तर को सुधारने में मदद करे।
हॉकी खिलाड़ियों को भी मिले पैसा : क्रिकेट में सारे काम सिस्टम के तहत हो रहे हैं। नीचे से लेकर ऊपर तक सभी को जोड़ा गया है। साथ ही क्रिकेट के घरेलू टूर्नामेंट से भी अच्छे खिलाड़ी सामने आ रहे हैं। आईपीएल ने क्रिकेट को और ऊपर उठा दिया है। हो सके तो हॉकी में भी इसी तरह की पहल करना चाहिए।
हॉकी के लिए मना किया : अजरुन अवार्ड से सम्मानित श्री ध्यानचंद ने कहा कि हमें घर से हॉकी खेलने की मनाही थी। हॉकी में पैसे कम मिलने की वजह से घरवाले पढ़ाई करने कहा करते थे, जिससे हम नौकरी कर पैसा कमा कर घर चला सकें।