Ludhiana
इन्हें नहीं चाहिए किफायत की सलाह
विपन जंड Friday, September 18, 2009 04:12 [IST]  

लुधियाना. इनोवा कार एकाएक गुरुनानक पब्लिक स्कूल के गेट पर रुकती है। चौकीदार ड्राइविंग सीट पर बैठे शख्स को घूरकर बोलता है, ‘भाई गाड़ी दूसरे गेट से लाओ, यहां से वित्त मंत्री मनप्रीत बादल ने आना है। वे स्कूल के सालाना समागम में मुख्यातिथि हैं’। चौकीदार की बात सुन मुस्कुराता हुआ वह शख्स गाड़ी को बैक करने लगा।



उसी वक्त मुख्यातिथि के स्वागत में खड़े आयोजकों की नजर ड्राइविंग सीट पर बैठे शख्स के चेहरे पर पड़ी। वे हाथ में हार लेकर उस और दौड़े, क्योंकि वह शख्स कोई और नहीं वित्तमंत्री मनप्रीत बादल थे। ये वाकया कुछ माह पुराना है। मनप्रीत वीरवार को भी लुधियाना में थे। पीएयू पहुंचे मनप्रीत के अक्स में वैसी ही सादगी झलक रही थी।



ट्रैफिक जाम में फंसी उनकी गाड़ी को रास्ता नहीं मिला, क्योंकि न तो उस पर लाल बत्ती लगी थी और न ही वे हूटर बजा रहे थे। केंद्रीय सरकार के मंत्रियों में खर्च घटाने की आपाधापी के बीच पंजाब सरकार की शाहखर्च सरकार ने ऐसा कोई फरमान नहीं दिया है। फरमान जारी हो भी जाए है, तो पंजाब के कुछ मंत्री व नेता हैं, जिन्हें कोई दिक्कत नहीं होगी।



वे रूटीन में ही सादा जीवन जीते हैं पर इसे कभी सुर्खियों में नहीं आने देते। सेहतमंत्री प्रोफेसर लक्ष्मीकांता चावला जब मंत्री बनने के बाद पहली बार अफसरों के साथ गुजरात के दौरे पर गई, तब अफसरों ने विमान के बिजनेस क्लास में टिकट बुक करा दिया। मंत्री खफा हो गईं, उन्होंने वापसी में टिकट रद्द करा अफसरों के साथ इकॉनमी क्लास में सफर किया।



चावला डीजीपी को पत्र लिख कह चुकी हैं कि उनकी आगमन पर कहीं भी पायलट न लगाई जाए। प्रोफेसर चावला वेतन के अलावा अन्य भत्ते लेने से परहेज करती हैं, इसीलिए सरकार पर उनके आयकर का बोझ सब मंत्रियों से कम है। पिछले साल सरकार को उनका सिर्फ 31 हजार रुपया आयकर भुगतान किया जबकि कई अन्य मंत्रियों के आयकर भुगतान में सरकार की जेब से पांच पांच लाख रुपये तक निकल गए।



सरकारी दौरों में अपना खाना पोटली में बांधकर चलने वाली चावला जब मंत्री बनने के बाद लुधियाना सर्किट हाउस पहुंची तो यहां एक अधिकारी ने उनके पहुंचने से पहले ही तमाम इंतजाम कर दिए। इस प्रोटोकॉल पर उस अधिकारी को मंत्री से खासी फटकार सहनी पड़ी। आरएल चोपड़ा तीन साल से बतौर सुपरवाइजर लुधियाना के सर्किट हाउस का प्रबंधन देख रहे हैं।



वे बताते हैं कि उन्होंने कभी ऐसा नहीं देखा कि सेहतमंत्री का बिल किसी अन्य ने अदा किया हो। बल्कि वे खुद रिसेप्शन पर आकर भुगतान करती हैं। चोपड़ा के मुताबिक कई बार मंत्री के अचानक आमद पर हमने सिविल सर्जन को कहा कि हमें पहले बता देते लेकिन उनका कहना था कि उन्हें खुद ही कहां पता था।



पंद्रह साल कांग्रेसी विधायक व एक बार राज्यमंत्री रह चुके राकेश पांडे को भी तामझाम से एलर्जी है। जब वे मंत्री थे, तब कई बार अकेले गाड़ी में ड्राइविंग कर शहर में घूमते देखे जा सकते थे। एक बार फील्ड गंज स्थित एक आयोजन में वे स्कूटर पर सवार होकर ही पहुंच गए। अब भी पांडे रोजाना सुबह साइकिल पर मंदिर जाते हैं।



मैं यह दिखावे के लिए नहीं करतीं बल्कि सादगी मेरी जिंदगी का अटूट हिस्सा है। मैं तो ज्यादा सुरक्षा भी नहीं चाहती लेकिन आतंकवाद के दौर में 1989 के बाद से ही उनके साथ सुरक्षाकर्मी लगाए हुए हैं। - प्रोफेसर लक्ष्मीकांता चावला, सेहतमंत्री

इसमें कुछ भी अनोखा नहीं है कि हम सादगी में रहते हैं। सुरक्षाकर्मियों का तामझाम, लाल बत्ती व हूटर मंत्री या विधायक को आम आदमी से दूर करते हैं। - राकेश पांडे, पूर्व राज्यमंत्री



मंत्रियों विधायकों को महंगा पड़ेगा सरकारी रैन बसेरा



खर्च कटौती के मौसम में मंत्रियों, विधायकों, अधिकारियों को सरकारी रैन बसेरा महंगा पड़ सकता है। पंजाब सरकार दिल्ली के पंजाब भवन व कपूरथला हाउस, शिमला व चंडीगढ़ में राज्य सरकार के सर्किट हाउस के अलावा लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, फरीदकोट, बठिंडा, पटियाला के सर्किट हाउस का किराया बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार कर रही है।



पंजाब सरकार के निर्देश पर हास्पिटैलिटी डिपार्टमेंट के निदेशक ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। सभी जिलों को पत्र भेजकर दरें प्रस्तावित कर तीन दिन में जवाब भेजने को कहा है। बताते हैं कि हाल ही में दिल्ली में पंजाब सरकार के स्थानीय कमिश्नर ने पंजाब भवन के किरायों में बढ़ोतरी का प्रस्ताव भेजा था, इस पर सरकार ने पूरे राज्य में कीमतें बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी।



फिलहाल मंत्रियों, विधायकों को सरकारी दौरों पर तीस रुपये में कमरा मिल जाता है। जिसे 150 रुपये तक करने का विचार है। गैर सरकारी दौरों पर सामान्य कमरा 60 रुपये, मंत्री का कमरा 90 विशेष कमरा 150, परिवारिक सदस्यों को सामान्य कमरा साठ, मंत्री का कमरा 180 व विशेष कमरा 300 रुपये किराया अदा करना पड़ता है। इसके अलावा विभिन्न कैटगरी में भी किराया बढ़ाने का प्रस्ताव है।

 
 


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