Ludhiana
‘सब्सिडी के बयान पर अब भी कायम’
भास्कर न्यूज Friday, September 18, 2009 04:27 [IST]  

लुधियाना. पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा है कि वे राज्य में जारी सब्सिडी के बयान पर अब भी कायम हैं। उन्होंने शिमला में हुई अकाली दल की चिंतन बैठक में भी किसानों को मिलने वाली मुफ्त बिजली व दूसरी सब्सिडी से जुड़े मुद्दे उठाए थे। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उनके विचारों को गंभीरता से सुना है। अब भी वे अपने बयान पर कायम हैं।



मनप्रीत बादल वीरवार को पीएयू में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। वे किसान मेले का उद्घाटन करने आए थे। उन्होंने किसानों को मिलने वाली मुफ्त बिजली सुविधा बंद करने व और सब्सिडी जो दूसरे लोगों को मिल रही है, को बंद करने की वकालत की थी। मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि अकाली दल ने उन्हें विश्वास दिलाया है कि उनकी बातों पर विचार करने के लिए अकाली भाजपा की संयुक्त बैठक होगी और आम राय से फैसला लिया जाएगा।



उन्होंने कहा कि वे कभी सही बात करने से नहीं घबराए। जब उनका ध्यान इस ओर दिलाया गया कि पंथ रत्न गुरचरण सिंह टोहड़ा ने जब यह स्टैंड लिया कि राज्य का मुख्यमंत्री और अकाली दल का अध्यक्ष एक व्यक्ति नहीं होना चाहिए और तो उन्हें अकाली दल के बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। आप भी अकाली दल की नीतियों की खूब आलोचना करते हैं, आपको मुख्यमंत्री का भतीजा होने का लाभ मिल रहा है।



इस पर मनप्रीत ने कहा कि प्रकाश सिंह बादल बहुत ही दयालु इंसान हैं। मनप्रीत सिंह बादल ने दो दिवसीय किसान मेले का उद्घाटन करते हुए कहा कि किसानों को साहुकारों का ब्याज, भ्रम में उलझाने वाले अंधविश्वासी तथा अनपढ़ता किसान के विकास के रुकावट बन रही हैं। इन तीनों के खिलाफ जागृत होना पड़ेगा। वैज्ञानिक युग में वह ही आगे रहेगा, जिनके पास समझदारी होगी।



उन्होंने भारतीय सेना में पंजाबी अधिकारियों की कम हो रही गिनती पर भी चिंता जताई। पंजाब के लोगों को सिर्फ अनाज पर ही नहीं निर्भर करना चाहिए। वित्त मंत्री ने पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के खोज कार्य के लिए 10 करोड़ रुपये की राशि देने का वायदा किया और विश्वास दिलाया कि विश्वविद्यालय को आर्थिक संकट नहीं आने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को पिछले आठ वर्षो से 100 करोड़ रुपये की राशि मिली है, जोकि बहुत कम है।

 
 


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