जगदलपुर. नवरात्र में नौ दिनों तक जलने वाले ज्योति कलश के लिए देवी मंदिरों में तैयारी चल रही है। शनिवार की सुबह से शाम तक आस्था के जोत जलाए जाएंगे।
गायत्री मंदिर में नक्सल हिंसा से पीड़ित मासूम के द्वारा ज्योति कलश को सुंदर स्वरूप दिया जा रहा है। ज्योति कलश के लिए बने कक्ष में जोर शोर से तैयारियां की जा रही है। घी और तेल के जोत जलाने श्रद्धालु मंदिरों में पहुंच रहे हैं।
माता हिंगलाजिन सेवा समिति बेड़ागांव (सोनपुर) के अध्यक्ष जीपी वैद्य ने बताया कि बकावंड ब्लाक के इस रियासतकालीन शक्तिपीठ में शनिवार की सुबह 9 बजे से ज्योति कलश प्रज्जवल संकल्प आदि काम प्रारंभ होंगे। जिसका विसर्जन 27 सितंबर की शाम 4 बजे किया जाएगा। मंदिरों को आकर्षक रंगीन झालरों और विद्युत लाइटों से रौशन किया जा रहा है। हाटकचोरा स्थित काली मंदिर के पुजारी साधुराम निषाद ने बताया कि नवरात्र में नौ दिनों तक देवी की विशेष पूजा होती है। रोजाना अलग-अलग प्रसाद का भोग चढ़ाया जाता है। इस समय देवी का श्रृंगार कई रूपों में होता है।