लुधियाना. दोराहा के सिद्धू अस्पताल में भाजपा नेता की मौत के हाई प्रोफाइल मामले में राजिंदरा अस्पताल पटियाला ने भी जांच से असमर्थता जता दी है। प्रबंधन ने खन्ना पुलिस को जवाब भेजकर कहा है कि इस मामले में जैसे तकनीकी विशेषज्ञों की जरूरत है, वह उसके पास है ही नहीं। इसलिए वह कहीं और से जांच करा लें।
सिविल सर्जन लुधियाना मामले की जांच करने के संबंध में पहले ही पुलिस को इंकार कर चुके हैं। बहरहाल, ढाई महीने से घूम रही केस की फाइल फिर वहीं पहुंच गई है, जहां से चली थी। राजिंदरा अस्पताल के जवाब के बाद पुलिस की परेशान बढ़ गई है। इस केस में मेडिकल बोर्ड की जांच बेहद जरूरी है जबकि इसे बेहद तकनीकी मामला बताकर कोई सरकारी अथारिटी इसमें हाथ डालने को राजी नहीं है।
इसलिए साढ़े तीन महीने से यही तय नहीं हो पा रहा कि इसकी जांच करेगा कौन? अभी मृतक की विसरा रिपोर्ट भी नहीं आई है। खन्ना पुलिस ने सिविल सर्जन लुधियाना की सलाह पर ही जांच के लिए राजिंदरा अस्पताल को लिखा था। बहरहाल, वहां से अस्पताल से जवाब मिलने के बाद पुलिस ने सिविल सर्जन को पूछा कि अब क्या किया जाए?
पुलिस ने उन्हें उलझ रहे मामले का कोई हल निकालने को कहा है। सिविल सर्जन आफिस ने उन्हें नई सलाह भेज दी है, जिसमें उन्हें देश के प्रमुख संस्थानों व विशेषज्ञों के नाम की लिस्ट भेजकर उनसे जांच कराने को कहा गया है। बताया जा रहा है कि पुलिस अब केस को जांच के लिए पीजीआई भेज रही है।
जांच लटकने की वजह
जांच लटकने के पीछे अधिकारियों का तर्क है कि बेरिएट्रिक सर्जरी सुपर स्पेशलिटी से जुड़ा केस है। जांच करने वाले डाक्टर को इस सर्जरी की जानकारी या अनुभव ही नहीं होगा, तो वह उस मामले में सही या गलत के निष्कर्ष तक कैसे पहुंच सकता है। बताते हैं कि इस सुपर स्पेशिलिटी के विशेषज्ञ पीजीआई के पास भी नहीं है।
आरटीआई एक्ट में नहीं मिली जानकारी
इसी बीच मृतक के परिजनों द्वारा आरटीआई एक्ट के तहत सूचना की मांग को पुलिस ने खारिज कर दिया है। परिजनों ने एक्ट के तहत डाक्टर द्वारा पेश दस्तावेजों की मांग की थी। बताते हैं कि इस पर पुलिस ने कानूनी विशेषज्ञों की राय के बाद परिजनों को जवाब दिया कि मामले की जांच जारी है, इसलिए उन्हें दस्तावेज नहीं दिए जा सकते।
यह मामला मेरी ज्वाइनिंग से पहले का है। बेरिएट्रिक सर्जरी की जांच के तकनीकी विशेषज्ञ उपलब्ध न होने पर तत्कालीन सिविल सर्जन ने पुलिस को किसी अन्य संस्थान से जांच कराने को कहा था। पुलिस ने राजिंदरा अस्पताल से भी इंकारी मिलने की बात कही है। इस पर उन्हें कुछ विशेषज्ञों व संस्थाओं के नाम सुझाए गए हैं कि वे चाहे तो वहां से जांच करा सकते हैं। - डा.मनिंदरजीत सिंह, सिविल सर्जन