एक अक्टूबर तक छात्र फार्म में करेक्शन कर सकते हैं। कैट ऑनलाइन का आयोजन 28 नवंबर से किया जाएगा, जो सात दिसंबर तक जारी रहेगा। पैटर्न में बदलाव होने के कारण छात्रों को भी सवाल हल करने की स्पीड के साथ एक्यूरेसी पर ध्यान देना होगा। इसके लिए छात्रों को खासी प्रैक्टिस की जरूरत है। कम हो रही है सवालों की संख्या : कैट में सवालों की संख्या धीरे-धीरे कम होती जा रही है। दस साल पहले जहां कैट में 185 सवाल पूछे जाते थे। साल दर साल इनकी संख्या में कटौती की जा रही है। सवालों की संख्या 185 से 165 कर दी गई और उसके बाद 150 हो गई। कम करते-करते पिछले साल इनकी संख्या 75 थी। कैट के पेपर में छात्रों के लिए हमेशा यह सरप्राइज रहता है कि सवालों की संख्या कितनी होगी। इस साल आईआईएम की कैट आयोजन कमेटी ने छात्रों को यह जानकारी पहले ही दे दी है कि इस साल लगभग 70 सवालों को शामिल किया जाएगा। छात्रों को रखना होगा खास ध्यान : कैट में जब सवाल ज्यादा होते थे तो छात्रों को इन्हें हल करने के लिए स्पीड पर बहुत ज्यादा ध्यान रखना पड़ता था। इस साल सवाल तो कम किए गए हैं लेकिन समय भी कम किए जाने के कारण छात्रों को स्पीड का खास ध्यान रखना होगा। पीटी एजुकेशन की सेंटर डायरेक्टर मनीषा आनंद ने बताया कि अभी यह जानकारी नहीं है कि किस सेक्शन को वेटेज दिया जाएगा लेकिन उम्मीद की जा रही है कि इस बार तीनों सेक्शन को बराबर वेटेज दिया जाएगा। गलती सुधारने का मौका जिन छात्रों ने प्रवेश परीक्षा के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करते समय कोई चूक कर दी है तो उन्हें गलती सुधारने का मौका दिया जा रहा है। एक अक्टूबर तक छात्र आवेदन पत्र में गलतियां सुधार सकते हैं। ऐसा होगा पैटर्न ऑनलाइन कैट ढाई घंटे का होगा। इसमें पहले 15 मिनट छात्रों को ऑनलाइन टेस्ट के पैटर्न के बारे में डेमो दिया जाएगा। डेमो के बाद छात्रों के पास पेपर हल करने के लिए सवा दो घंटे का समय होगा। इसमें छात्रों को लगभग 70 सवालों के जवाब देने होंगे। इसमें अलग-अलग सेक्शन डाटा इंटरप्रिटेशन, लॉजिकल रीजनिंग, क्वांटिटेटिव एबिलिटी, वर्बल एबिलिटी और कॉम्प्रिहेंशन होंगे।
कॉमन एडमिशन टेस्ट (कैट) के इस साल से ऑनलाइन होने के साथ ही इसके पैटर्न में भी बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों के साथ छात्रों को खुद को भी अपडेट करना होगा। टेस्ट ऑनलाइन होने के साथ इसके समय और सवालों की संख्या में कमी की गई है। छात्रों को कम सवालों के जवाब देने होंगे, लेकिन इसके लिए उन्हें समय भी कम ही दिया जाएगा, वहीं छात्रों को अपने फार्म में करेक्शन करने का समय भी दिया गया है।