Jodhpur
शेखावत व आडवाणी पर बरसे जसवंत
भास्कर न्यूज Friday, September 25, 2009 07:59 [IST]  

जोधपुर. पूर्व केंद्रीय मंत्री जसवंतसिंह गुरुवार को जोधपुर में लालकृष्ण आडवाणी व भैरोसिंह शेखावत पर जमकर बरसे। सिंह ने कहा कि आडवाणी की विवेकशीलता पर महत्वाकांक्षा भारी पड़ रही है और शेखावत पूर्वाग्रही व अस्वस्थ हैं। भाजपा से निष्कासन के बाद पहली बार जोधपुर आए जसवंतसिंह ने गुरुवार को पत्रकारों से चर्चा में यह बात कही।



उन्होंने नई पार्टी बनाने का संकेत देते हुए कांग्रेस व भाजपा दोनों को भ्रष्ट बताया और कहा कि उनका व उनके परिवार का अब ऐसी भ्रष्ट संस्थाओं से कोई रिश्ता नहीं रहा। मानवेंद्रसिंह बालिग और समझदार है, वह अपने फैसले खुद करेगा। आधे दशक तक सहयोगी रहे आडवाणी को बुद्धिमान बताते हुए जसवंत ने कहा, वे विलक्षण बुद्धि व विचारशील व्यक्ति हैं ।



मुझे लगता है कि अटल बिहारी वाजपेयी के राजनीति से निष्क्रिय होने के बाद आडवाणी की महत्वाकांक्षा उनकी विवेकशीलता पर भारी पड़ गई। मैंने पार्टी की जिस तरह सेवा की, इसलिए ऐसे व्यवहार की कतई उम्मीद नहीं थी। खेद इस बात का है कि जिन्ना पर लिखी किताब को बिना पढ़े, बिना नोटिस व कारण बताए मुझे पार्टी से हटाया।



इसकी टीस मन में है। कराची से लौटने के बाद आडवाणी के वक्तव्य पर पार्टी में बवाल मचा तो मैं उनके साथ रहा। वसुंधरा को हटाने या न हटाने के बारे में पूछे गए एक सवाल के जवाब में जसवंत ने कहा, मैं इस मुद्दे को व्यक्तिगत नहीं बनाना चाहता। पूर्व उपराष्ट्रपति भैरोसिंह शेखावत के यू टर्न पर कहा कि मात्र दस-बारह दिनों में ऐसा क्या हो गया, मुझे इसकी जानकारी नहीं है। मेरा मानना है कि उनके पूर्वाग्रह रहे होंगे।

 
 


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