लुधियाना. मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने कहा है कि लोगों की धार्मिक भावनाएं भड़काने वालों को सरकार माफ नहीं करेगी। इसके लिए कानून में बदलाव करके धार्मिक भावनाएं भड़काने को गैर जमानती अपराध बनाया जाएगा। वे शनिवार को यहां गुरु नानक देव भवन में आदि धर्म समाज की ओर से भगवान वाल्मीकि प्रगटोत्सव तथा दलित अधिकार दिवस के मौके पर एक समारोह को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि राज्य की सभी नगर निगमों और नगर कौंसिलों में लगे सफाई कर्मचारियों को नियमित भर्ती की जाएगी। मोहल्ला सफाई सेनिटेशन कमेटियां भंग करने और ठेकेदारी सिस्टम को समाप्त करने को पहले ही कैबिनेट मंजूरी दे चुकी है। उन्होंने यह भी घोषणा की कि नगर निगमों और नगर कौंसिलों के कर्मचारियों को संशोधित नए वेतन मान दिए जाने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।
बादल ने इस मौके पर ऐतिहासिक रामतीर्थ मंदिर अमृतसर के सौंदर्यीकरण के लिए एक करोड़ रुपये की ग्रांट का चेक भी दिया। उन्होंने बताया कि डीसी अमृतसर को आदेश दिए गए हैं कि वे समय सीमा में रामतीर्थ मंदिर के सौंदर्यीकरण को यकीनी बनाएं। इस प्रोजेक्ट पर साढ़े 3 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बादल ने जमालपुर लुधियाना के भगवान वाल्मीकि भवन के लिए विकास के लिए भी 20 लाख रुपये का चेक भेंट किया।
बादल ने लोगों से अपील की कि वे भगवान वाल्मीकि के बताए रास्ते पर चलें, ताकि अच्छा समाज बनाया जा सके। उन्होंने समाज में समानता लाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि भगवान वाल्मीकि जी एक महान विद्वान थे, जिन्होंने पवित्र धार्मिक ग्रंथ रामायण की रचना की। बादल ने यह भी कहा कि हमें हमेशा जुल्म का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए।
उन्होंने सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ लड़ाई लड़ने का आह्वाहन भी किया। बादल ने यह भी घोषणा की कि अब तक मुगलों के जमाने में बठिंडा तथा गुरदासपुर में जो घल्लुघारे हुए थे, उनकी यादगार भी बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब सरकार बच्चों को उच्च शिक्षा देने पर वचनबद्ध है।
बठिंडा में बनने वाला विश्वविद्यालय भी अंतरराष्ट्रीय स्तर का होगा। समारोह में प्रो. रजिंदर भंडारी प्रधान भाजपा, हीरा सिंह गाबड़िया कैबिनेट मंत्री ने भी विचार व्यक्त किए। इस मौके पर संसदीय सचिव हरीश राय ढांडा, अमरजीत सिंह भाटिया, सतपाल तक्षक भी मौजूद थे।
सीएम साहिब हैं तो नियम क्या चीज हैं
मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को लुधियाना में समारोह के दौरान लोगों ने नोटों का हार पहना दिया और मुख्यमंत्री ने स्वीकार भी कर लिया। किसी ने यह सोचने की हिम्मत नहीं की कि ऐसा करना रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के नियमों के खिलाफ है।
आरबीआई के इंस्ट्रक्शन डिफेसमेंट ऑफ करंसी इज नॉट परमिटिड के तहत नोटों को न तो पिरोया जा सकता है, न ही सिलाई की जा सकती है और न ही नोटों का हार बनाकर गले में डाला जा सकता है। ऐसा करना आरबीआई के नियमों का उल्लंघन है। मामला मुख्यमंत्री का है तो शायद किसी ने इस पर आपत्ति करने की हिम्मत नहीं दिखाई।