नई दिल्ली x भारत के स्टार फुटबॉल खिलाड़ी बाईचुंग भूटिया के निलंबन विवाद पर निर्णय लेने के लिए नियुक्त पंचाट ने उन्हें अंतरिम राहत दे दी। पंचाट ने अंतिम फैसला आने तक भूटिया को अपनी पसंद के किसी भी क्लब की ओर से खेलने की भी इजाजत दे दी। इस फैसले का मोहन बागान ने विरोध किया है। मोहन बागान ने पंचाट द्वारा भूटिया को अंतरिम राहत देने के फैसले का विरोध करते हुए अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के समक्ष समीक्षा याचिका दायर करने का फैसला किया है।
अपर सालीसिटर जनरल अमरेंद्र शरण द्वारा पारित किए गए अंतरिम आदेश के जरिए भूटिया का 1 अक्टूबर से शुरू हो रही आई-लीग में ईस्ट बंगाल की ओर से खेलने का रास्ता साफ हो गया है। बागान से निलंबित किए जाने के बाद ईस्ट बंगाल के साथ समझौते पर हस्ताक्षर कर चुके भूटिया को अंतिम फैसला अपने खिलाफ होने की स्थिति में अपने निलंबन की ढाई महीने की शेष अवधि गुजारना होगी।
भूटिया की अंतरिम राहत की अर्जी पर अपने 14 पेज के आदेश में शरण ने कहा अंतिम फैसला आने तक भूटिया को अपनी पसंद के किसी क्लब के तरफ से खेलने की इजाजत दी जा रही है। भूटिया को 2 हफ्ते के अंदर ये लिखकर देना होगा कि यदि अंतिम फैसला उनके खिलाफ जाता है तो वे निलंबन के बाकी ढाई महीने गुजारेंगे और उस अवधि के बराबर का वेतन भी वापस करेंगे। भूटिया साढ़े तीन महीने का निलंबन काल पहले ही गुजार चुके हैं।
एआईएफएफ द्वारा पंचाट अधिकारी नियुक्त किए गए पूर्व अपर सॉलीसिटर जनरल अमरेंद्र ने भूटिया को ये कहते हुए अंतरिम राहत दे दी कि मामले में अतिम फैसला नहीं आने तक भारतीय कप्तान किसी क्लब की तरफ से खेलने के लिए आजाद हैं। इस फैसले के बाद अब भूटिया 2009-10 के सत्र के लिए बागान से समझौता होने के बावजूद नए समझौते के तहत ईस्ट बंगाल की ओर से
खेल सकेंगे।