जोधपुर. मासूम बच्चों के इलाज से लेकर अपने बेटे के हत्यारों को गिरफ्तार करने की मांग लेकर पहुंचे लोगों सहित मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने रविवार को करीब छह घंटे तक लोगों के दुख दर्द सुने और जितना बन पड़ा, उनकी पीड़ा दूर करने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए। कई बार उन्होंने अधिकारियों को फटकार भी लगाई।
मुख्यमंत्री ने जहां चिकित्सा के लिए मदद के निर्देश दिए तो अभाव एवं गरीबी झेल रहे लोगों के लिए आर्थिक सहायता और पेंशन की राह आसान कर उनके जख्मों पर राहत का मरहम लगाया। सर्किट हाउस में सुबह शुरू हुआ जन सुनवाई का दौर दोपहर ढाई बजे तक चला और इसके बाद फरियादियों के आने का सिलसिला नहीं रुका। मुख्यमंत्री गहलोत ठीक सुबह 9 बजे सर्किट हाउस में समस्याएं सुनने पहुंचे।
अशोक वाटिका में व्हाइट हाउस रूपी शामियाने के चार ब्लॉक में जिला कलेक्टर एवं आईजी सहित पुलिस व प्रशासन के अधिकारियों के साथ पहुंचे गहलोत ने यहां कुर्सियों पर बैठे लोगों का अभिवादन स्वीकारा औरप्रत्येक व्यक्ति के पास जाकर उसकी समस्या पूछी। मुख्यमंत्री ने लोगों स ज्ञापन भी लिए और साथ चल रहे अधिकारियों को पकड़ा कर हाथोहाथ समाधान के निर्देश देते गए।
कई मौके ऐसे आए जब मुख्यमंत्री महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गो व गरीबों के दुख दर्द जानकर भावुक भी हुए। मुख्यमंत्री को चारों ब्लाक में बैठे 280 लोगों की समस्याएं सुनने एवं समाधान के लिए आवश्यक दिशा निर्देश देने में एक बार में एक घंटे से अधिक लगा। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक व्यवस्था के अनुसार इन ब्लॉक में चार राउंड किए। इसके साथ ही जोधपुर शहर, जोधपुर ग्रामीण, पाली, जालोर, सिरोही, सांचौर, आहोर, नागौर सहित विभिन्न जिलों से आए प्रतिनिधि मंडलों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनी।
भीड़ देखी तो चले गए जनता के बीच
दोपहर दो बजे तक लोगों का सैलाब कम होने का नाम नहीं ले रहा था। इस पर मुख्यमंत्री व्यवस्थाओं को दरकिनार कर आम जनता के बीच चले गए। इससे पुलिस व प्रशासन सकते में आ गया। इसके बाद पुलिस प्रशासन ने आनन—फानन में सर्किट हाउस के पोर्च के आगे कतार में लोगों को खड़ा कर व्यवस्था बनाई। मुख्यमंत्री ने सभी के पास जाकर समस्याएं सुनी और ज्ञापन लिए।