नई दिल्ली. भारत के बाएं हाथ के आक्रामक सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर ने कहा है कि उन्हें दुनिया के सबसे सफल एकदिवसीय बल्लेबाज सचिन तेंडुलकर के बजाय अपने घरेलू दिल्ली टीम के साथी खिलाडी वीरेंद्र सहवाग के साथ सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभाना ज्यादा पसंद है।
गंभीर ने खेल वेबसाइट क्रिकइंफो से बातचीत में कहा सचिन और सौरभ गांगुली की जोडी एकदिवसीय क्रिकेट की सबसे सफल जोड़ी रही है लेकिन मैं विस्फोटक बल्लेबाज सहवाग के साथ ओप¨नग करने में ज्यादा सहज महसूस करता हूं।
गौरतलब है कि गंभीर और सहवाग दोनों ही घरेलू क्रिकेट में दिल्ली की टीम में खेलते हैं। राहुल द्रविड के बाद भारत के दूसरे वाल कहे जाने वाले गंभीर ने कहा जब मैं सहवाग के साथ बल्लेबाजी करने के लिए मैदान पर जाता हूं तो ज्यादा सहज महसूस करता हूं और इससे मुझे अतिरिक्त आत्मविश्वास मिलता है। उन्होंने कहा कि सहवाग के साथ उनका तालमेल काफी अच्छा है और वह जब कभी भी बल्लेबाजी के दौरान मैदान पर असहज महसूस करते हैं तो बिना किसी संकोच के सहवाग के पास चले जाते हैं।
उन्होंने कहा कि सहवाग के पास जाने में उन्हें किसी प्रकार की हिचक महसूस नहीं होती। गौरतलब है कि सहवाग इस समय कंधे की चोट से उबरने के बाद पुनर्वास के दौर से गुजर रहें हैं इसलिए वह चैम्पियंस ट्राफी के लिए टीम में शामिल नहीं किए गए हैं। उनकी अनुपस्थिति में गंभीर सचिन के साथ सलामी बल्लेबाज की भूमिका निभा रहें हैं। लगातार चार टेस्ट सीरीज में 300 से अधिक रन बनाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज गंभीर ने कहा कि सहवाग जब दूसरे छोर पर होते हैं तो उनके आक्रामक खेल के तरीके से उन्हें काफी सहूलियत होती है।
उन्होंने कहा कि न्यूजीलैंड में नेपियर टेस्ट में मैच बचाने वाली पारी खेलने के लिए सहवाग ने उनका काफी मनोबल बढ़ाया था। पिछले डेढ़ वर्ष में भारत के सबसे सफल बल्लेबाज गंभीर ने कहा कि उन्होंने टीम की जरूरत के अनुरूप खुद को ढाला है और उसके बाद से लगातार बढ़िया प्रदर्शन करने में उन्हें सफलता मिली है। वह इस सिलसिले को आगामी मैचों में भी कायम रखना चाहते हैं। पिछले वर्ष फिरोजशाह कोटला के मैदान पर आस्ट्रेलियाई आलराउंडर शेन वाटसन के साथ हुई झडप के बारे में पूछे जाने पर गंभीर ने कहा कि इस घटना से उनकी एकाग्रता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा था।
गंभीर ने इस मैच में आउट होने से पहले 206 रन बनाए थे। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि इस तरह की घटना को रोका जा सकता था। उन्होंने कहा कि यदि पिछले वर्ष नागपुर टेस्ट में भारतीय टीम हार जाती तो इसकी पूरी जिम्मेदारी उनके ऊपर ही आती। उन्होंने कहा मैं जिस तरह से बढ़िया प्रदर्शन कर रहा था यदि देखा जाए तो मुझे नागपुर में खेलना चाहिए था लेकिन मैं अपनी गलती से इस टेस्ट में नहीं खेल पाया। गौरतलब है कि वाटसन के साथ हुई झड़प के बाद गंभीर पर एक टेस्ट का प्रतिबंध लगा दिया गया था।