धरती का स्वर्ग कहे जाने वालो स्थानों में से एक है स्विट्जरलैंड। यूँ तो यहाँ का हर एक जगह घूमने औए देखने लायक है,पर हर जगह जाना हर किसी के लिए संभव भी नहीं है। अगर आप यहाँ आने की सोच रहे है तो यहा की सांस्कृतिक और व्यावसायिक राजधानी ज्यूरिख जरुर जाइए।
यहा आकर आपको यहाँ की खूबसूरती का अहसास तो होगा ही साथ ही इस देश की संस्कृति से भी आपका तार्रुफ़ होगा।
कुंसथौस
स्विट्जरलैंड का खासा आकषर्क और मशहूर कलात्मक म्यूजियम है जहां फ्यूशली और गियेसोमिटी जैसे कलाकारों का काम प्र्दशित किया जाता है। एक और म्यूजियम है जिसे लंैंड्स म्यूजियम कहा जाता है, इसे 2009 में फिर से आगंतुकों के लिए खोल दिया गया है।
यह यहां का सबसे बड़ा म्यूजियम है। इसकी इमारत 18वीं शताब्दी निर्मित है। इसमें ढेरों टॉवर और एक खूबसूरत पार्क भी हैं। ज्यूरिख लेक भी बेहद साफ और सुकून वाली जगह है।
सुंदर इमारतें
लिडिनऑफ यहां के एक खूबसूरत किले का नाम है, इसे देखना इसलिए न भूलें कि यहां आकर किले के अलावा शहर का भी पूरा नजारा देखा जा सकता है।
यहीं मौजूद फ्लोमुंस्टर चर्च पुराने गॉथिक काल का शानदार नमूना है, यहां सुंदर ग्लास पेंटिंग्स भी हैं। सेंट पीटर्स चर्च ज्यूरिख का सबसे पुराना चर्च है, 18 वीं शताब्दी में बना यह चर्च रोमन आर्किटेक्चर की बेहद नायाब धरोहर है। इस खूबसूरत विरासत के चर्चे दूर-दूर तक हैं।
कॉफी म्यूजियम
जैकब्स कॉफी म्यूजियम एक मूल म्यूजियम है जो कॉफी के इतिहास को बयां करता है। इसी तरह ज्यूरिख लेक के पास बना सर्कस म्यूजियम भी बेहद आकर्षक है और इसे देखना अपनी तरह का अलग ही अनुभव है। भारतीय सैलानियों के लिए यहां एक खास आकर्षण है, वह है रीटबर्ग म्यूजियम जो पूरी तरह भारतीय कला को समर्पित है।
शॉपिंग और नाइट लाइफ
अगर आप ज्यूरिख में हैं तो इसका सेंट्रल मार्केट जरूर देखें। स्विस जूते बेहद मशहूर हैं जिन्हें खरीदकर अपने वॉडरोब की शान बढ़ाई जा सकती है। रात के वक्त तो ज्यूरिख विविधता पेश करता है।
हर साल अगस्त में होने वाली यहां की स्ट्रीट परेड देखने दूर-दूर से लोग आते हैं। आइस हॉकी इस देश का मशहूर खेल है। यहां हॉकी खेलने और इसे देखने के कद्रदानों की कमी नहीं है।