
निर्देशक : डेविड धवन
कलाकार : गोविंदा, सुष्मिता सेन, लारा दत्ता, रितेश देशमुख, सोहेल खान, रवणीर शौरी
संगीत : नदीम श्रवण
गीत : समीर
बैनर : पूजा एंटरटेनमेंट , बिग पिक्चर्स
अगर आप गोविंदा और डेविड धवन की जोड़ी के फैन है तो फिल्म देख लें , लेकिन आप स्तरीय कॉमेडी की तलाश में है तो यह फिल्म आप को निराश कर सकती है। डेविड धवन और गोविंदा ने एक से बढ़कर एक कॉमेडी फिल्में दी है लेकिन डू नॉट डिस्टर्ब मी फिल्म में हास्य का पुराना जादू कमजोर नजर आता है। फिल्म की कहानी पुरानी लीक पर है और पति पत्नि और वो की तर्ज पर घरवाली और बाहरवाली के चक्कर में रची गई है। दरअसल जब निर्देशक अपने अतीत की सफलता को भूल नहीं पाता तो वह नए में भी पुराना मसाला बुनने का मोह छोड़ नहीं पाता है, और डेविड ने अपनी इस फिल्म में यही किया है। लेकिन डेविड की फिल्मों को पसंद करने वाले दर्शकों को इस बेदम कहानी से निराशा होगी।
फिल्म में गोविंदा बीवी और प्रेमिका के त्रिकोण में है वह बड़े बिजनेसमैन के रोल में लेकिन उनका अधिकांश समय बेबो लारा दत्ता के प्यार दुलार में ही बीतता है। सुष्मिता अपने पति की हरकतों पर नजर रखने के लिए जासूस रणवीर शौरी की मदद लेती है। लेकिन फिल्म का नायक यहां थोड़ी चालाकी दिखाते हुए रितेश देशमुख को लारा दत्ता के प्रेमी के रूप में पेश कर देता है। कहानी में ट्विस्ट तब आता है जब गोविंदा को रितेश पर ही शक हो जाता है। पूरी कहानी इसी त्रिकोण के इर्द गिर्द बुनी गई है।
फिल्म में संवाद बोझिल है और पटकथा के कमजोर होने के चलते हास्य का पुट कहीं खो सा गया है। ले देकर फिल्म का संगीत कुछ हद तक बेहतर बन पड़ा है। गोविंदा एक कलाकार के रुप में बेहतर नजर आए है, वहीं सुष्मिता अपने बढ़ते वजन के चलते ग्लैमर का अपना पुराना तड़का लगाने में असफल रहीं है।
इन तमाम नकारात्मक बातों के बावजूद डेविड और गोविंदा के प्रशंसकों के लिए ऐसा बहुत कुछ पुराना मशाला है जो उनकों पसंद आ सकता है। यदि आप गोविंदा के फैन है तो इस वीक एंड पर अपनी रिस्क पर फिल्म देखने का लुत्फ उठा सकतें है।