उज्जैन. गंभीर डेम से पानी की चोरी को लेकर प्रशासन सख्ती के लिए तैयार है। पानी चोरी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसानों को कम पानी वाली फसलें उगाने के लिए समझाइश भी देंगे। गंभीर डेम में तेजी से पानी कम होने से प्रशासन के माथे पर चिंता की लकीरें उभर आई हैं। शुक्रवार को डेम का जायजा लेने संभागायुक्त टी. धर्माराव व कलेक्टर अजातशत्रु पहुंचे।
उन्होंने नगर निगम आयुक्त चंद्रमौली शुक्ला से जानकारी ली। पानी चोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए हैं। डेम से तेजी से पानी कम होने का बड़ा कारण किसानों द्वारा सिंचाई के लिए पानी लेना है। सोयाबीन की फसल कट जाने के बाद अब गेहूं-चने की फसल बोई जा रही है। नदी के किनारे स्थित खेतों की सिंचाई नदी के पानी से की जाती है।
इसके लिए किसानों ने पाइप लाइनें भी डाल रखी हैं। विभागीय सूत्रों के अनुसार गंभीर में 80 से ज्यादा पाइप लाइनें हैं। इससे डेम का पानी निरंतर कम हो रहा है। कलेक्टर ने पीएचई के कार्यपालन यंत्री वी.के. शिंदे से इस बारे में जानकारी ली। शिंदे ने आश्वस्त किया कि पूरे साल पानी की कमी नहीं आएगी। कलेक्टर ने पानी की निगरानी के लिए किए गए उपायों के बारे में भी जानकारी ली।
इंदौर कलेक्टर को पत्र भेजेंगे: गंभीर नदी के किनारे इंदौर जिले के गांवों के किसानों को पानी चोरी करने से रोकने तथा उन्हें कम पानी वाली फसलों की जानकारी देने के लिए इंदौर कलेक्टर को पत्र भेजा जाएगा। इंदौर सीमा से लगे गांवों के किसानों की आपत्ति है कि इंदौर जिले के किसानों को प्रशासन नहीं रोकता जबकि उज्जैन जिले के किसानों पर पाबंदी लगाई जाती है।