जब मैंने दस दिनों के ट्रिप पर गोवा जाने का मन बनाया तो सभी दोस्तों ने कहा, ‘इस बारिश के मौसम में गोवा जाकर क्या करोगे और वह भी दस दिनों के लिए।’ तब तो मेरे पास इन दोनों ही बातों का कोई जवाब नहीं था लेकिन यहां पहुचंने के बाद इसका जवाब मेरे पास है।
इस वक्त मेरे हाथ में मैन्यू कार्ड है जिसमें से दो तरह के चिकन में से एक को मैं ऑर्डर करने की तैयारी में हूं। हालांकि वेटर ने मुझे पहले ही आगाह कर दिया है कि इनमें से एक मेरी लिए काफी स्पायसी होगा। जब तक मैं इनमें से तय करूं,तब तब आप मेरी नजरों से गोवा घूम सकते हैं।
सन और सैंड का गोवा
अगर गोवा आने का मन बना चुके हैं तो तीन एस यानी सन, सैंड और सी के लिए पूरी तरह तैयार हो जाएं। इस वक्त जो मौसम चल रहा है उसमें गोवा में सूर्य देवता के दर्शन कम ही होते हैं। इस समय यहां की रेत भीगी हुई चादर सी बन जाती है।
गोवा के दो भाग
गोवा को दो भागों में घूमा जा सकता है। पहला साउथ और दूसर नॉर्थ गोवा। नॉर्थ गोवा से साउथ गोवा जाते वक्त कब्रिस्तान नजर आएगा, जिसके लकड़ी के क्रॉस इस मौसम में रेनकोट से ढंके नजर आते हैं।
मौसम की खासियत
रिमझिम मौसम के अंत में यहां जाने का फायदा यह है कि आप पांच सितारा होटल में दो सितारा का किराया देते हैं। इस वक्त मिलने वाली सर्विस भी सीजन के मुकाबले बहुत बेहतर होती है।
पार्टी का जलवा
गोवा के हर अंदाज का आनंद उठाने आने वाले लोगों के लिए क्रूज बेहतरीन है। ऑफ सीजन होने के कारण यहां भीड़ बहुत कम होती है। बारिश की बूंदों के बीच भी यहां देशी-विदेशी पर्यटक मौजूद हैं।
चलते-चलते
गोवा में आम जगहों से इतर दो पहिया वाहनों पर भी सवारी की जा सकती है। सी फूड की यहां बढ़िया वैरायटी है। गोवा की नाइट लाइफ काफी रोचक है। एडवेंचर स्पोर्ट्स के कद्रदानों के लिए यहां काफी मौके हैं। अब आपको बता दूं कि मैं चिकन की अपनी पसंदीदा डिश ऑर्डर करना तय कर चुका हूं। आप तय करें कि गोवा कब जाएंगे।
जी संपथ