सोनू- ‘यार, मसूरी की बदौलत मुझे चंद दिन ख़ुशियों के नसीब हो गए।’
मोनू- ‘लेकिन जहां तक मुझे याद है, तुम तो कभी मसूरी गए ही नहीं।’
सोनूं- ‘हां, लेकिन मेरी पत्नी पिछले ह़फ्ते कुछ दिनों के लिए मसूरी गई थी।’
पागल पत्नी..
एक आदमी भागा-भागा पागलों के डॉक्टर के पास गया और बोला, ‘डॉक्टर साहिब, मेनी पत्नी पागल हो गई है!’
डॉक्टर- ‘उसके पागलपन के दो-चार लक्षण बताएं?’
आदमी- ‘आज शाम जब मैं ऑफिस से घर पहुंचा, तो उसने मुस्कुराकर मेरा स्वागत किया। फिर बड़े प्यार से चाय की प्याली पेश की, जबकि आज पहली तारीख़ भी नहीं है।’
सूरज के पापा ने पीटा
मोनू : कल मैंने रॉकेट छोड़ा, जो सूरज से जा टकराया।
सोनू : फिर क्या हुआ?
मोनू : मेरी बहुत पिटाई हुई।
सोनू (हैरानी से): वह कैसे?
मोनू : सूरज के पापा ने मुझे बहुत पीटा।
मरम्मत के साथ गारंटी
एक डॉक्टर का टीवी ख़राब हो गया। उसने मैकेनिक बुलाया। टीवी ठीक करने के बाद मैकेनिक ने उनसे सौ रुपए मांगे, तो डॉक्टर सािहब भड़क उठे। बोले— ‘सौ रुपए किस बात के?’
मैकेनिक- ‘अरे, टीवी रिपेयरिंग करने के!’
डॉक्टर- ‘लेकिन मैं तो अपनी क्लीनिक में दवा और फीस मिलाकर सिर्फ़ पचास रुपए लेता हूं और आप Êारा-सी मरम्मत के लिए सौ रुपए मांग रहे हैं।’
मैकेनिक- ‘मगर डॉक्टर साहिब,
मैं मरम्मत के साथ-साथ गारंटी भी देता हूं।’
सड़क पर एक आदमी बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे देखने के लिए काफ़ी भीड़ लग गई। भीड़ से आवाÊा आई, ‘अरे इसके मुंह में थोड़ी-सी ब्रांडी डाल दो।’ लेकिन भीड़ में आवाÊा दबकर रह गई। गिरा हुआ आदमी थोड़ी देर इंतÊार करने के बाद बोला, ‘अरे कोई उसकी बात भी सुनो, जो ब्रांडी पिलाने के लिए कह रहा है।’
मित्तरां दा नां लगदा
चूहे को तेज़ी से भागते हुए देखकर बिल्ली को बहुत हैरानी हुई।
बिल्ली- ‘इतनी तेÊाी से कहां भागे जा रहे हो?’
चूहा- ‘अरे! शेर की बहन को किसी ने छेड़ दिया है और नाम
मेरा लग रहा है।’खुशियों के दिन
सोनू- ‘यार, मसूरी की बदौलत मुझे चंद दिन ख़ुशियों के नसीब हो गए।’
मोनू- ‘लेकिन जहां तक मुझे याद है, तुम तो कभी मसूरी गए ही नहीं।’
सोनूं- ‘हां, लेकिन मेरी पत्नी पिछले ह़फ्ते कुछ दिनों के लिए मसूरी गई थी।’