लुधियाना. लुधियाना निवासी पिता पुत्र को पीटे जाने और उसे अवैध हिरासत में रखने का आरोप लगाते हुए पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर सतपाल गोसाईं और मुख्य संसदीय सचिव हरीश राय ढांडा ने सामूहिक रूप से मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल को धमकी दे डाली है। बकौल ढांडा-गोसाईं यदि पीड़ित को इंसाफ न मिला, तो दोनों नेता सीएम हाउस के आगे धरने पर बैठ जाएंगे।
इस संबंध में ढांडा व गोसाईं ने रविवार को लुधियाना में प्रेसवार्ता की, जिसमें पीड़ित वीर प्रकाश मल्होत्रा व उसके 78 वर्षीय पिता बलदेव मल्होत्रा भी मौजूद थे। ढांडा व गोसाईं ने बताया कि वीर प्रकाश मल्होत्रा व उसके पिता को मोगा के एक प्रापर्टी डीलर ने पुलिस के हाथों न केवल पिटवाया, बल्कि पुलिस ने उन्हें अवैध रूप से हिरासत में भी रखा।
मुख्य संसदीय सचिव तथा पंजाब विधान सभा के डिप्टी स्पीकर ने बताया कि इस परिवार ने मोगा के प्रापर्टी डीलर डिंपल चड्ढा के साथ मोगा स्थित शोरूम का सौदा पांच करोड़ रुपए में तय किया था। इसमें से एक करोड़ 3 लाख रुपये की बयाना राशि ले ली गई और संपत्ति की रजिस्ट्री बाद में करवाने की बातचीत चली। रजिस्ट्री के लिए एग्रीमेंट 19 अगस्त 2008 को लिखा गया।
सितंबर महीने में 50—50 लाख रुपए की दो किश्तें देनी थीं, जोकि नहीं दी गई। मल्होत्रा के मुताबिक चड्ढा ने रुपए बाद में देने का वायदा करके रजिस्ट्री अपने नाम करवा ली। मल्होत्रा परिवार ने 1 करोड़ 3 लाख रुपये पंजाब नेशनल बैंक लुधियाना के भी देने थे। चड्ढा ने कहा कि वह ये रुपए खुद ही बैंक को दे देंगे। यह वायदा लिखित में नहीं किया गया था, बल्कि मौखिक रूप में किया गया था।
बाद में चड्ढा बैंक को वायदा किए गए रुपए देने से भी मुकर गया। मल्होत्रा के मुताबिक 22 सितंबर 2008 की शाम चार बजे चड्ढा अपने कुछ साथियों व सब इंस्पेक्टर कुलजिंदर सिंह व एक एएसआई के साथ उसके घर आया। चड्ढा व पुलिस कर्मियों ने घर में ही पिता पुत्र से पहले मारपीट की और फिर दोनों को उठाकर मोगा ले गए।
जाते समय साथ में उसकी इनोवा व स्कोडा कार भी ले गए। स्कोडा कार इस समय सब इंस्पेक्टर के पास है। वहां पर चड्ढा व उसके साथियों ने दोनों को बुरी तरह पीटा। यही नहीं उसके बाद उन्हें मोगा ने थाने में भी रखा और वहां भी उसे पीटा गया। उसी रात को बलदेव मल्होत्रा को चड्ढा के कार्यालय भेज दिया गया। अगली सुबह बलदेव मल्होत्रा को अपने घर लाया गया और घर में पड़ी 12 संपत्तियों की रजिस्ट्रियां निकलवाईं।
इसमें से 9 रजिस्ट्रियां मोगा जाकर चड्ढा ने अपने नाम करवा लीं। इन संपत्तियों की कीमत करीब पांच करोड़ रुपए है। सारी जानकारी देने के बाद ढांडा व गोसाईं ने कहा कि उक्त प्रापर्टी डीलर ने पुलिस के साथ मिलकर मल्होत्रा पिता और पुत्र पर जुल्म ढाए। प्रापर्टी डीलर को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वे मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से मिले थे।
डीआईजी ईश्वर सिंह को इस मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। यदि एक सप्ताह के भीतर पीड़ितों को इंसाफ नहीं मिला तो वे दोनों सीएम हाउस के आगे धरने पर बैठ जाएंगे। दूसरी ओर, प्रापर्टी डिंपल चड्ढा ने इस आरोपों का खंडन किया है। चड्ढा के मुताबिक रजिस्ट्रियां करवाई गई हैं, लेकिन उन्होंने मल्होत्रा को पूरे पैसे भी दिए हैं। उन्होंने बैंक के साथ धोखाधड़ी की है। इसलिए पुलिस उन्हें पकड़ लाई थी।