छतरपुर. लोगों को समन्वित चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए चलाई जा रही आयुष योजना का बुरा हाल है। जिले में आयुष चिकित्सकों की कमी के कारण इसका क्रियान्वयन नहीं हो पा रहा है। यहां के लिए स्वीकृत 6 आयुष सेंटरों में 30 की जगह केवल 3 चिकित्सक हैं। तीन सेंटरों की बिल्डिंग भी अभी निर्माणाधीन हैं।
आयुष योजना को शुरू हुए 12 साल से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन योजना के उद्देश्य के अनुसार कहीं भी पांच चिकित्सकों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। आयुष विंग नाम से एक सेंटर खजुराहो में खोला गया था, लेकिन दो महीने पहले यहां के चिकित्साधिकारी रिटायर हो जाने से सेंटर बंद हो गया है।
छतरपुर में जिला अस्पताल में आयुष क्लीनिक संचालित है। यहां एक आयुर्वेद चिकित्साधिकारी और एक सहायक चिकित्सक पदस्थ है। सरवई गांव में खुले आयुष क्लीनिक में एक आयुर्वेद चिकित्साधिकारी की नियुक्ति की गई है। इसके अलावा गढ़ीमलहरा, किशनगढ़ और राजनगर में भी आयुष क्लीनिक के भवन बनाए जा रहे हैं, लेकिन अभी तक यहां के लिए न तो स्टाफ सेंक्शन हुआ है और न ही दवाएं आईं हैं।