छतरपुर. योग से दुनिया भर के लोगों के रोग मिटाने वाले स्वामी रामदेव के पवित्र मिशन को जिले में राजनीति और षडयंत्रों का रोग लग गया है। ऐसे में उनके उद्देश्य में रुकावटें आने लगी हैं। पतंजलि पीठ के सेवा केंद्र हासिल करने की कवायद में जुटे कुछ लोगों की जमात ने जिला योग समिति पर कब्जा करने की साजिशें शुरू कर दी हैं। इसकी बानगी रविवार को जैन धर्मशाला डेरा पहाड़ी में हुई हंगामेदार बैठक में देखने मिली।
प्रदेश अध्यक्ष के निर्देश पर उपाध्यक्ष तरूण सिंह ने रविवार को छतरपुर आकर जिला योग समिति के बीच चल रहे विवाद को सुना। हालांकि बैठक में केवल एक ही पक्ष मौजूद था। बैठक की सूचना न होने से योग समिति के सभी पदाधिकारी और सैकड़ों योग शिक्षकों का पूरा कुनवा नदारद था। इसलिए बैठक में बमुश्किल एक दर्जन योग शिक्षक ही पहुंचे। शेष योग साधकों को यहां संख्या बढ़ाने एकत्र किए गया था।
बैठक शुरू होने के पहले ही यहां आरोप प्रत्यारोपों का दौर चल पड़ा। आरोप भी ऐसे आए कि बैठक में मौजूद लोगों ने ही उन्हें नकार दिया। एक शिकायत आई कि सेवा केंद्र से दवाएं खरीदने पर प्रिंट रेट से ज्यादा रुपए ले रहे हैं और रसीद मांगने पर भी नहीं दी जा रही है। इस पर अधिकांश लोगों ने आरोप नकार दिए। कुछ लोगों ने जिला अध्यक्ष देवेश सोनी को पद से हटाकर रामकृपाल यादव को अध्यक्ष बनाने की वकालत शुरू कर दी।
इस पर प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि समिति में साफ छवि के कर्तव्यवान लोग ही रखे जाएंगे। तभी लोगों ने सामने बैठे जिला समिति के महामंत्री आरसी रिछारिया पर निशाना साध दिया। लोगों का कहना था कि ओआईसी श्री रिछारिया विद्युत समिति नौगांव में वित्तीय अनियमतताओं पर निलंबित हो चुके हैं, ऐसे लोग समिति में रखे ही नहीं जाने चाहिए।
कुछ लोगों ने योग समिति का पक्ष रखते हुए कहा कि जिले में पतंजलि योग समिति को स्थापित करने से लेकर उसके विस्तार में शुरुआती सदस्यों ने योगदान दिया है उसे नकारा नहीं जाना चाहिए। हाल ही में नए सदस्य बने लोगों के निराधार आरोपों के आधार उनके काम का मूल्यांकन नहीं होना चाहिए।
क्या है विवाद
पतंजलि योग पीठ की ओर से जिला मुख्यालय के बाद अब हर ब्लाक मुख्यालय पर चिकित्सा सेवा केंद्र और मेडिकल स्टोर खोला जाना है। इसके लिए जिला अध्यक्ष की अनुशंसा जरूरी होती है। कुछ लोग इन सेवा केंद्रों को हथियाना चाह रहे हैं। जिन्हें जिला अध्यक्ष ने अनुमति नहीं दी। योग समिति के संगठन मंत्री रामकृपाल यादव ने बताया नौगांव में बिजली विभाग के ओआईसी आरसी रिछारिया सेवा केंद्र लेना चाहते हैं।
इसके लिए उन्होंने अध्यक्ष से अनुमति मांगी थी, लेकिन उन्हें अनुमति नहीं दी गई। इस पर श्री रिछारिया ने हरिद्वार जाकर कुछ लोगों के साथ मिलकर जिला अध्यक्ष देवेष सोनी की शिकायत की थी। इसी शिकायत की सत्यता जांचने के लिए समिति के प्रदेश उपाध्यक्ष को आना पड़ा।