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ज्वैलरी में इंवेस्टमेंट का सही समय
Bhaskar News Tuesday, October 06, 2009 01:31 [IST]  

bangelsफैस्टिवल सीजन में भी गोल्ड के प्राइज में कमी नहीं होने के बावजूद कस्टमर्स ने शादियों के जेवर बनवाने और खरीदने की कवायद शुरू कर दी है। नवरात्र से शुरू फैस्टिवल सीजन का असर ज्वैलरी मार्केट में दिखने लगा है। ज्वैलर्स का कहना है, कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद पुराने सोने और चांदी के बाजार में आने की प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। कस्टमर्स की बाइंग कैपिसिटी भी 50 ग्राम से बढ़कर 125 ग्राम तक पहुंच गई है।

इसका कारण सोने के मूल्यों में बढ़ोतरी और रिटर्न वैल्यू के प्रति लोगों में आश्वस्त होना है। ऐसा ही रहा तो मार्च तक बाजार बना रहेगा। सर्राफा ट्रेडर्स कमेटी के प्रेसीडेंट रामेश्वरलाल गोयल कहते हैं, आमतौर पर दिवाली के बाद सोने के भाव में 12 से 15 प्रतिशत का इजाफा होता है। अभी के भावों को देखते हुए आने वाले दो महीनें में लगभग प्रति ग्राम 18,000 तक पहुंच सकता है। फैस्टिवल सीजन को भुनाने के लिए ज्वैलर्स ने भी कई आक षर्क वैराइटीज और एक्सक्लूसिव रेंज को मार्केट में उतारा है।

करवा चौथ पर बैंगल्स कलैक्शन

विमंस के लिए करवाचौथ के अवसर बैंगल्स फैस्टिवल शुरू किया है। इसमें 35 हजार से 6 लाख रुपए तक की रेंज के डायमंड, रूबी और सेमी प्रीशियस स्टोन जड़े बैंगल्स की रेंज लाए हैं। एंटाइस ज्वैल्स के शैलेश चिप्पर बताते हैं, सोने के प्लेन सैट की जगह डायमंड और सेमी प्रीशियस स्टोन से बनी ज्वैलरी की डिमांड ज्यादा है। कस्टमर की बाइंग कैपिसिटी भी बढ़ी है। शादी की ज्वैलरी खरीदने वाला परिवार कम से कम 100 से 125 ग्राम गोल्ड ज्वैलरी में इन्वेस्ट कर रहा है।

ट्रैडिशनल और डायमंड पोल्की इन

गोल्ड की रेट कम होने और क्वालिटी दिल्ली से बेहतर होने से दिल्ली, गुडगांव से भी ज्वैलरी की शॉपिंग करने लोग शहर में आ रहे हैं। महालक्ष्मी ज्वैलर्स के विवेक अग्रवाल कहते हैं, राजस्थान की ट्रैडिशनल डायमंड पोल्की को बेहद पसंद किया जा रहा है। 97 परसेंट गोल्ड और डायमंड की परब से बनने वाला पोल्की का आइटम दिखने में लाइट मगर रेंज में हैवी होता है। विवेक कहते हैं, दिल्ली में 24 कैरेट गोल्ड की रेट चार्ज करने के कारण शहर की कीमत से 400 रुपए तक का अंतर आ रहा है।

कलरस्टोन ज्वैलरी का घटा क्रेज

मंदी के बाद ज्वैलरी बाजार में फिर से तेजी आने लगी है। बाजार में गोल्ड के दाम तेज होने के बाद भी कस्टमर गोल्ड डायमंड मे मिलने वाले सेफ रिटर्न को देख इंवेस्ट कर रहा है। फैस्टिवल पर कस्टमर को फायदा देने के उद्देश्य से नॉमिनल प्रॉफिट पर ही ज्वैलरी सेल कर हैं। कालाजी ज्वैलर्स के संजय काला कहते हैं, कलर स्टोन ज्वैलरी का चलन कम हो गया है। 50 हजार रुपए से ऊपर की रेंज में कलर डायमंड का ब्राइडल कलैक्शन लॉन्च किया है। हॉलमार्क और सर्टिफाइड ज्वैलरी इंवेस्टर की पहली पसंद है।

ज्वैलरी की रिटर्न वैल्यू बराबर

रानीवाला ज्वैलर्स के अभिषेक रानीवाला कहते हैं, 14 कैरेट में सेफ रिटर्न वैल्यू ने इस ज्वैलरी को लोकप्रिय बनाया है। कस्टमर यदि 1 लाख रुपए की 18 कैरेट गोल्ड की डायमंड ज्वैलरी खरीदता है और उसमें गोल्ड की प्यॉरिटी 75 परसेंट होती है तो रीसेल करने पर उसे 80 हजार रुपए मिलेंगे। इतना ही नहीं, गोल्ड की प्यॉरिटी लगभग 58.39 परसेंट वाले 14 कैरेट डायमंड ज्वैलरी में रीसेल वैल्यू 80 हजार मिलेगी। गोल्ड की बढ़ी कीमतों को देखकर ये ट्रैंड लेकर आए हैं।

 
 


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