जोधपुर. सवाई मानसिंह मेडिकल कॉलेज, जयपुर से आई विशेषज्ञों की टीम ने मंगलवार को मथुरादास माथुर अस्पताल में स्वाइन फ्लू के रोगियों के लिए उपलब्ध उपचार की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। टीम के सदस्यों ने यहां आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण किया। वार्ड में उपलब्ध सुविधाओं पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया।
जयपुर पहुंच कर यह टीम अपनी रिपोर्ट चिकित्सा शिक्षा सचिव को सौंपेगी। इस बीच अस्पताल प्रबंधन ने भी राज्य सरकार की ओर से भेजी गई इस टीम को अपनी आवश्यकताओं की सूची थमा दी है। एसएमएस कॉलेज के मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. जीएन सक्सेना व आईसीयू प्रभारी, निश्चेतना विभाग के प्रोफेसर डॉ. एसपी शर्मा ने सबसे पहले आइसोलेशन वार्ड का निरीक्षण किया।
इसके बाद उन्होंने मेडिकल आईसीयू देखा। मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. अरविंद माथुर ने उन्हें वार्ड में उपलब्ध संसाधनों की जानकारी दी। टीम के सदस्यों ने करीब एक घंटे तक अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रफुल्ल कच्छवाह के साथ बैठक कर अब तक आए मरीजों के उपचार की जानकारी प्राप्त की। बैठक में मौजूद डॉ. माथुर ने टीम के सदस्यों को स्वाइन फ्लू की रिपोर्ट आने से पहले दम तोड़ने वाले रूपाराम व राजू सांखला का ट्रीटमेंट चार्ट पेश कर पूरी जानकारी दी।
अस्पताल प्रबंधन ने दोनों रोगियों की रिपोर्ट भी सदस्यों को उपलब्ध करवाई। डॉ. शर्मा ने आइसोलेशन वार्ड में रोगियों को परस्पर संक्रमण से बचाने के लिहाज से डेढ़ हजार वर्ग फीट वाले इस वार्ड को मापदण्डों के लिहाज से उपयुक्त बताया।
साथ ही सदस्यों ने मेडिसिन व निश्चेतना विभाग के डॉक्टर्स से आने वाले दिनों में मरीजों की संख्या बढ़ने की स्थिति में उपचार को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरतने एवं आवश्यकताओं पर चर्चा की। सदस्यों ने संदिग्ध मरीजों के नमूने लेने के लिए की गई व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त किया।
यह बताई आवश्यकता
अस्पताल अधीक्षक डॉ. प्रफु ल्ल कच्छवाह ने टीम के सदस्यों को राज्य सरकार से स्वाइन फ्लू के रोगियों के लिए लम्बे समय तक सात पलंग वाले इस आइसोलेशन वार्ड के संचालन के लिए केन्द्रीयकृत ऑक्सीजन लाइन, पांच मल्टी पैरा मीटर, दो वेंटीलेटर व 12 नर्सिगकर्मी उपलब्ध कराने की सूची सौंपी है। वर्तमान में अस्पताल प्रबंधन को दूसरे वार्डो से उपकरण व कर्मचारियों का जुगाड़ करना पड़ रहा है।