भोपाल. स्वर्णिम मध्यप्रदेश के नारे को हकीकत में बदलने के सात संकल्पों पर प्रभावी अमल की रणनीति बनाने हेतु आयोजित दो दिनी ‘मंथन’ का मंगलवार को समापन हो गया। लेकिन सात में से आधे समूहों की सिफारिशों की ही प्रस्तुति रात 10 बजे तक हो पाई। बाकी समूहों की अनुसंशाओं की प्रस्तुति 14 अक्टूबर को होगी।
जो सिफारिशें आई हैं उनमें बिजली का बिल न चुकाने वालों को स्थानीय चुनाव न लड़ने देने, सभी गांवों को चार साल में मुख्य सड़क से जोड़ने, ग्रामोद्योगों के लिए अलग नीति, भोपाल-इंदौर में एयर कार्गो हब-कोल्ड चेन बनाने समेत कई महत्वपूर्ण सिफारिशें की गई हैं।
मंगलवार को सुबह 10 बजे से सातों समूहों ने अलग-अलग अपनी-अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप दिया। दोपहर बाद इनकी मुख्यमंत्री और मंत्रियों के समक्ष प्रस्तुति शुरू हुई। पांच घंटे के ब्रेक के बाद कृषि को लाभ का धंधा बनाने के प्रभावी उपाय सुझाने के लिए बने समूह की प्रस्तुति हुई। इसके बाद शिक्षा-स्वास्थ्य वाले समूह की बारी आई। लेकिन रात दस बजे अकेले शिक्षा विषय की ही प्रस्तुति हो पाई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि अब बाकी सिफारिशों की प्रस्तुति 14 अक्टूबर को की जाए।
पांच घंटे रोका मंथन
राज्यसभा सदस्य और वरिष्ठ नेता प्यारेलाल खंडेलवाल के निधन का समाचार मिलने के बाद पांच घंटे के लिए प्रस्तुतियां रोक दी गईं।