तिथि संवत - कार्तिक कृष्ण तृतीया, संवत् 2066, शाके- 1931, रवि दक्षिणायने, शरद ऋतु, हिजरी सन् 1430, 7 अक्टूबर, बुधवार, करवा चतुर्थी व्रत, चंद्रोदय रात्रि 8.06
सूर्योदय कालीन नक्षत्र
भरणी नक्षत्र प्रात: 10.51 तक पश्चात कृतिका, वज्र योग तथा विष्टिकरण।
ग्रह विचार
सूर्य, बुध, शनि- कन्या, गुरु, राहु-मकर, मंगल- केतु - कर्क, शुक्र- सिंह तथा चंद्रमा- मेष राशि में।
शुभाशुभ ज्ञानम़्
तृतीया प्रात: 9.45 तक। करवा चतुर्थी के व्रत में शिव-शिवा, स्वाभिकार्तिक और चंद्रमा का पूजन करना चाहिए। नम: शिवाय से शिव तथा षण्मुखाय नम: से स्वामिकार्तिक का पूजन कर, नैवेद्य लगाकर चंद्रमा को अध्र्य देना चाहिए। शुभ अंक- 6 रंग-गुलाबी।
खरीदारी हेतु श्रेष्ठ समय
अपराह्न् 3.11 से सायं 6.00 तक।
राहुकाल
दोपहर 12.14 से 1.43 तक।
दिशाशूल
उत्तर, यदि आवश्यक हो तो धनिया खाकर यात्रा शुरू करें।
चौघड़िया मुहूर्त
प्रात: 6.20 से 7.48 तक लाभ, प्रात: 7.48 से 9.17 तक अमृत, प्रात: 10.46 से 12.14 तक शुभ, अपराह्न् 3.11 से 4.40 तक चंचल, अपराह्न् 4.40 से 6.08 तक लाभ, सायं 7.40 से 9.11 तक शुभ, रात्रि 9.11 से 10.43 तक अमृत
आज जन्मे बच्चें का नाम व राशि
समय नक्षत्र चरण पाया राशि जन्माक्षर
प्रात: 10.51 तक भरणी 4 स्वर्ण मेष लो
अपराह्न् 4.44 तक कृतिका 1 स्वर्ण मेष अ
रात्रि 10.35 तक कृतिका 2 स्वर्ण वृषभ इ
प्रात: 4.25 तक कृतिका 3 स्वर्ण वृषभ उ