Jodhpur
जेडीए के जेईएन को घूस लेते पकड़ा
भास्कर न्यूज Thursday, October 08, 2009 06:24 [IST]  

जोधपुर. भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के दल ने जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) के एक कनिष्ठ अभियंता को नक्शा पास करने व निर्माण स्वीकृति की एवज में पांच सौ रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। उसका तबादला मूल विभाग में हो चुका था। वह रिलीव होता, उसके पहले ही रिश्वत लेते पकड़ा गया। उप महानिरीक्षक गोविन्द गुप्ता ने बताया कि खेमे का कुआं निवासी चुतराराम मेघवाल ने एसीबी चौकी जोधपुर में शिकायत पेश की थी।



इसमें बताया कि सुभाष नगर योजना में स्थित अपने भूखंड के मानचित्र व निर्माण स्वीकृति के लिए उसने जेडीए में आवेदन कर रखा है। विभाग ने इसके निस्तारण की तिथि 28 सितंबर तय की थी। इस संबंध में उसने 5 अक्टूबर को जेडीए के नगर नियोजक सहायक के कार्यालय में पूछताछ की तो उसे बताया गया कि संबंधित पत्रावली कनिष्ठ अभियंता पी.डी. जोशी के पास है।



जोशी से संपर्क करने पर उसने परिवादी से बतौर रिश्वत एक हजार रुपए मांगे। शिकायत के आधार पर ब्यूरो चौकी प्रभारी विजयसिंह ने इसका सत्यापन करवाया। इसके तहत आरोपी को दो सौ रुपए दिए गए तथा शेष आठ सौ की जगह पांच सौ रुपए बाद में देना तय हुआ। बुधवार को ब्यूरो टीम ने दो स्वतंत्र गवाहों के समक्ष ट्रेप का आयोजन कर जोशी को जेईएन कक्ष में परिवादी से ५ सौ रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।



रिश्वत राशि उसके शर्ट की जेब से बरामद की गई। आरोपी के दोनों हाथों व जेब के धोवन में रंग निकला। ब्यूरो ने प्रकरण से संबंधित दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए हैं। कार्रवाई के दौरान ब्यूरो ने अभियंता शाखा को कुछ समय के लिए सील कर दिया।



आज ही होना था रिलीव



गत भाजपा बोर्ड के कार्यकाल में सिंचाई विभाग से डेप्यूटेशन पर यहां आए कनिष्ठ अभियंता पी. डी. जोशी का तबादला हो चुका था। उसे आज ही मूल विभाग में जाना था। रिलीव होने के पहले उसके मन में लालच आ गया तथा उसने परिवादी से रिश्वत लेने के लिए उसे अपने कक्ष में बुलाया। रिश्वत की राशि जेब में रखते ही वह एसीबी के हत्थे चढ़ गया।



जेडीए में अफरा-तफरी



जेडीए कार्यालय परिसर में एसीबी दल ने ज्यों ही कनिष्ठ अभियंता को रिश्वत लेते दबोचा, पूरे विभाग में अफरा-तफरी मच गई। जेडीए के अधिकांश अधिकारी व कर्मचारी सकते में आ गए। यहां तक कि कई कर्मचारियों ने नियमित कार्यो को टालने या फिर उन्हें तत्काल निपटाने में ही भलाई समझी।

 
 


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