Jodhpur
तस्कर की बस पर ढेरों सवाल
भास्कर न्यूज Thursday, October 08, 2009 06:31 [IST]  

जोधपुर. सरहद पार से आई 58 किलो हेरोइन के मामले में पकड़े गए कुख्यात तस्कर यार मोहम्मद उर्फ यारू की जैसलमेर से जयपुर के बीच चलने वाली वीडियो कोच बस तो मंगलवार को उसके एक रिश्तेदार ने छुड़ा ली, मगर उस बस को लेकर उठे कई सवाल पुलिस के लिए सिरदर्द बने हुए हैं। बस पर नाम यारू का तथा मोबाइल नंबर पोकरण विधायक के भाई अब्दुल्ला के लिखे हैं।



साथ ही विधायक के दादा राणा फकीर के पेट्रोलपंप राणा मोटर्स का नाम भी लिखा है। जैसलमेर पुलिस ने गत 15 सिंतबर को भागू का गांव निवासी यार मोहम्मद से 48 किलो हेरोइन की बरामदगी के बाद उसकी बस (आर जे 19 पी 06786) को अपने कब्जे में ले लिया था। बस पर यारू, राणा मोटर्स और सम्पर्क नंबर 9414149206 लिखा हुआ था।



बाद में पुलिस को पता चला कि विधायक के दादा राणा फकीर का पेट्रोलपंप राणा मोटर्स के नाम से संचालित होता है और फोन नंबर विधायक के भाई अब्दुल्ला फकीर के हैं। इस बस को पिछले तीन चार महीने से यारू ही संचालित कर रहा था। विधायक का नजदीकी माना जाने वाला यारू बार्डर इलाके में अब तक की सबसे बड़ी हेरोइन की खेप के मामले में पकड़ा गया है।



इससे पहले भी वह चार पांच बड़ी खेप दिल्ली तक पहुंचा चुका है। यह जानकारी भी मिली है कि वह जिस स्कोर्पियो गाड़ी में बाड़मेर से जैसलमेर तक हेरोइन लाया था, वह भी गुजरात से चुराई हुई थी।



सवाल जिनके चाहिए जवाब



इस सारे मामले में सवाल यह उठता है कि तस्कर की बस पर विधायक के भाई का मोबाइल नंबर और दादा के पेट्रोल पंप राणा मोटर्स का नाम क्यों लिखा हुआ था। एक कुख्यात तस्कर से उनके क्या संबंध हैं? उनकी भागीदारी थी या फिर बस ही अब्दुल्ला की थी। पुलिस इस मामले में पड़ताल कर रही है। सवाल यह भी है कि यदि वह तस्करी में लंबे समय से लिप्त था तो विधायक को कैसे भनक नहीं लगी।



मोटर व्हीकल एक्ट में जब्त



पुलिस इस बस को एनडीपीएस एक्ट के तहत ही जब्त करना चाहती थी, मगर इसका रजिस्ट्रेशन जोधपुर के गायत्री नगर निवासी मोहनराम के नाम होने की वजह से इसे मोटर व्हीकल एक्ट के तहत जब्त किया गया। इसके तीन सप्ताह बाद मोहनराम द्वारा भागू का गांव निवासी इब्राहीम को पॉवर ऑफ एटार्नी देने पर उसने बस को छुड़वा लिया।



इब्राहीम के यारू का रिश्तेदार होने से इतना तो तय लगता है कि बस यारू की ही थी। उसने यह बस मोहनराम से खरीद ली थी। अब पुलिस कानूनी राय ले रही है कि बस को एनडीपीएस के तहत कैसे जब्त किया जा सकता है।



बहुत लोग चलाते हैं हमारा नाम



हमारा प्रतिष्ठित परिवार होने की वजह से जैसलमेर के अस्सी प्रतिशत अल्पसख्यंकों ने अपनी गाड़ियों पर हमारे पेट्रोलपंप का नाम व फोन नबंर लिख कर रखे हैं। यारू की गाड़ी पर मेरे भाई के फोन नंबर और राणा मोटर्स का नाम लिखा हुआ था, उसकी मुझे कोई जानकारी नहीं है। ना ही उनका तस्कर यारू से कोई लेना देना है। - सालेह मोहम्मद, विधायक पोकरण।



पड़ताल की जा रही है



वीडियो कोच को यारू तीन चार महीनों से संचालित कर रहा था। बहरहाल इसके कागजात उसके नाम नहीं होने की वजह से इसे मोटर व्हीकल एक्ट में जब्त किया गया। बस पर विधायक के भाई के फोन नंबर क्यों लिखे थे और उनके कुख्यात तस्कर से क्या संबंध हैं, इस बारे मंे पड़ताल की जा रही है। - डा. विष्णुकांत एसपी जैसलमेर



यारू खान मेरे गांव भागू का गांव का रहने वाला है। वह हमारे पंप पर पेट्रोल भरवाता है। कदाचित इसीलिए उसने बस पर पेट्रोलपंप का नाम और फोन नंबर लिख दिया होगा। - अब्दुला फकीर, विधायक का भाई।

 
 


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