चंडीगढ़. आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो के लिए सेक्टर—26ई में सेल्फ फाइनेंसिंग हाउसिंग स्कीम—2009 के अंतर्गत बन रहे हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) की तर्ज पर आवंटित किए जाएंगे। इनका निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। काम पूरा होने पर ही ड्रा निकाला जाएगा। इसके कुछ दिन बाद आवेदकों को फ्लैट की चाबी थमा दी जाएगी। इस स्कीम की शुरुआत 5 अक्टूबर को हो चुकी है।
यह जानकारी चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन मोहनजीत सिंह ने दी। उन्होंने बताया कि यहां के 160 फ्री होल्ड वन रूम फ्लैट के लिए 3 नवंबर तक आवेदन जमा कराए जा सकते हैं। इनमें कमरा, किचन, बॉथरूम, डब्ल्यूसी और बरामदा होगा। एक फ्लैट की कीमत लगभग 5,25,000 रुपये होगी। साल में एक लाख या इससे कम आमदनी वाले लोग ही आवेदन कर सकेगे। 160 फ्लैट में 144 फ्लैट आम लोगों के लिए आरक्षित हैं।
इसके बाद सेक्टर—53, 54 की बारी
सिंह के मुताबिक इसके बाद सेक्टर— 53 और 54 में करीब 60 एकड़ जमीन पर सबसे बड़ी आवासीय योजना के लिए आवेदन लिए जाएंगे। हाउसिंग बोर्ड को जमीन का कब्जा मिल चुका है। यहां एक से लेकर तीन बेडरूम फ्लैट बनाए जाएंगे। सेक्टर—52 और 56 में कर्मचारियों के लिए बनने वाले फ्लैट भी इसी योजना के तहत दिए जाएंगे।
धन की कमी नहीं
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक हाउसिंग बोर्ड के पास धन की कमी नहीं है। बैंकों में बोर्ड के पास 900 करोड़ रुपये से ज्यादा जमा हैं। इसका हर माह ब्याज आ रहा है। भविष्य में डीडीए की पॉलिसी अपनाते हुए हाउसिंग बोर्ड अपने धन से फ्लैट बनाएगा।
सेक्टर-49 में अब तक नहीं मिले फ्लैट
सेक्टर—49 में चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने अक्टूबर 2005 और जनवरी 2006 में टू बेडरूम फ्लैट सेल्फ फाइनेंसिंग हाउसिंग स्कीम निकाली थी। अक्टूबर 2005 की स्कीम में 96 टू बेडरूम फ्लैट और जनवरी की स्कीम में 112 टू बेड रूम फ्लैट थे। लोग पूरी राशि जमा करा चुके हैं। इसके बावजूद उन्हें फ्लैट का कब्जा नहीं मिल पाया है।
सेक्टर—49 में अक्टूबर 2005 में 96 वन बेडरूम फ्लैटों के लिए ड्रा निकाला गया था। पैसे जमा कराने वालों को अभी तक कब्जा नहीं मिला है। सेक्टर— 63 में 2176 फ्लैट के लिए मार्च 2008 में स्कीम निकाली गई थी। ड्रा निकले एक साल बीत चुका है लेकिन प्रोजेक्ट पर काम ही शुरू नहीं हुआ है।