जोधपुर. दीपावली में मात्र 8 दिन शेष बचे हैं लेकिन आठ माह पहले आवेदन के बाद भी प्रशासन ने शहर के एक भी पटाखा व्यापारी को लाइसेंस जारी नहीं किया है। अलबत्ता शहर के कुछ व्यापारियों ने लाइसेंस मिलने की उम्मीद में पहले ही दुकानें सजा दी हैं।
जिले में पटाखे का व्यवसाय करने वाले 766 व्यापारियों ने लाइसेंस नवीनीकरण के लिए आवेदन कर रखा है। इनके अतिरिक्त 150 व्यापारी ऐसे भी हैं जिन्होंने नए लाइसेंस के लिए आवेदन किया है। फरवरी में ही आवेदन कर चुके ये व्यापारी अब तक लाइसेंस जारी नहीं होने से चिंतित हैं। वर्षों से शहर में दशहरे पर ही पटाखे की दुकानें सजने लगती हैं।
विभिन्न गली मोहल्लोंे में बच्चे तब से लेकर दीपावली आने तक पटाखे छोड़ते हैं। इस बार दीपावली के आठ दिन पहले तक लाइसेंस जारी नहीं होने से व्यापारी असमंजस में पड़ गए हैं। इधर जिला प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि पुलिस व नगर निगम की जांच रिपोर्ट आने के बाद ही लाइसेंस जारी किए जाएंगे।
अब तक चालान ही मिला
जिला प्रशासन ने इस बार लाइसेंस की फीस बढ़ा कर 500 रुपए कर दी है जबकि लाइसेंस नवीनीकरण के लिए तथा नया आवेदन करने वालों ने आवेदन के साथ उस समय निर्धारित 150 रुपए जमा करवा दिए थे। गुरुवार को कुछ व्यापारियों को चालान की प्रति देने के साथ ही 350 रुपए जमा करा कर रसीद पेश करने के निर्देश मिले हैं।
कई दिनों से चक्कर काट काट रहे जिन दुकानदारों को चालान की प्रति मिल गई वे तो शुक्रवार को बैंक में यह अतिरिक्त शुल्क जमा करवा लेंगे। बहरहाल जिन लोगों को शुक्रवार अथवा उसके बाद चालान की प्रति मिलेगी उन्हें दिक्कत पेश आएगी। इसका कारण यह कि शनि व रविवार को दो दिन अवकाश के कारण सरकारी दफ्तर बंद रहेंगे।
कब सजाएंगे दुकानें
व्यापारियों की मानें तो लाइसेंस फीस जमा कराने एवं रसीद जमा कराने में ही मंगलवार बुधवार का समय निकल जाएगा। इसके बाद प्रशासन लाइसेंस कब जारी करेगा और कब वे दुकानें खोलेंगे। व्यापारियों का कहना है कि इस बार दिवाली पर वे मात्र चार पांच दिन पहले ही बाजार में पटाखे बेच पाएंगे। ऐसे में सीजनल धंधा करने वाले साल भर की रोजी रोटी कैसे कमा सकेंगे।