बीकानेर. इंदिरा गांधी नहर परियोजना में 15 अक्टूबर से रबी की बिजाई के लिए पानी मिलना शुरू हो जाएगा। इसके लिए नहर विभाग ने च्रकीय कार्यक्रम तय कर लिया है लेकिन टेल तक पानी पहुंचाने के लिए अभी तक ठोस प्रयास नहीं हुए। सैकंड स्टेज व जैसलमेर क्षेत्र की कई बड़ी लिफ्टों में सिल्ट एकत्र है मगर यहां सफाई नहीं हो सकी। ऐसे में टेल के काश्तकारों को समय पर पूरा पानी मिलेगा इस पर सवाल खड़े हो गए हैं।
दरअसल पिछले दो वर्ष से नहरों से सिल्ट निकालने का कार्य नेशनल रोजगार गारंटी योजना के तहत होता है। इस वर्ष भी कुछ माइनर और लिफ्टों में नरेगा से ही सिल्ट निकाली जा रही है मगर अब भी चारणवाल, नाचना आदि क्षेत्र में सफाई नहीं हो सकी। विभाग अब विभागीय प्रक्रिया से सिल्ट निकालने के प्रयास कर रहा है मगर जब तक सफाई शुरू होगी तब तक तो पानी पहुंच जाएगा और टेल के किसानों को समय पर पानी नहीं मिल सकेगा।
नियमों के मुताबिक रबी की बिजाई के लिए 15 अक्टूबर से पहले सभी नहरों की सफाई हो जानी चाहिए क्योंकि इसी तिथि से रबी की बिजाई का समय सरकार ने घोषित किया है। ऐसा कई वर्षो से हो रहा है कि नहर में बिना सफाई के ही पानी छोड़ दिया जाता है और इसका खमियाजा टेल के काश्तकारों को भुगतना पड़ता है। हैड के काश्तकार तो जैसे-तैसे पानी ले लेते हैं लेकिन नहरों में रेत एकत्र होने से पानी टेल तक नहीं पहुंच पाता।
ऐसा इस बार भी देखने को मिल रहा है। हालांकि दांतौर आदि क्षेत्र में नहरों की सिल्ट निकाली जा चुकी है मगर कुछ बड़ी नहरों में अभी भी सिल्ट निकालने का कार्य शुरू नहीं होने के कारण काश्तकार भी परेशान होने लगे हैं। मुख्य अभियंता विरदीचंद का कहना है कि सिल्ट निकालने का कार्य नरेगा से होता रहा है और इस वर्ष भी हो रहा है मगर कुछ नहरों तक नरेगा का काम नहीं पहुंच सका।
इस कारण अब विभागीय प्रक्रिया से सफाई होगी। इसके लिए प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि चारणवाला और नाचना नहर की बारी सबसे अंत में है इस कारण जब तक यहां पानी पहुंचेगा तब तक सफाई करा दी जाएगी। जहां नरेगा से सिल्ट नहीं निकाली जा सकी उस पर विभागीय प्रक्रिया से करीब 10 लाख रुपए खर्च आने की संभावना है।