जबलपुर. केन्द्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय द्वारा मध्य प्रदेश को कैरोसिन की कम आपूर्ति किए जाने से टीकमगढ़ जिले की जनता को निर्धारित मात्रा में तेल न मिलने को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। चीफ जस्टिस एके पटनायक और जस्टिस अजीत सिंह की युगलपीठ ने मामले पर केन्द्र व राज्य सरकार समेत 6 को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं।
यह जनहित याचिका टीकमगढ़ जिले की जन अधिकार संरक्षण उत्थान एवं विकास समिति के अध्यक्ष शत्रुघ्न तिवारी की ओर से दायर की गई है। आवेदक का कहना है कि केन्द्र सरकार द्वारा पुरानी जनसंख्या के आधार पर ही मप्र को कैरोसिन की आपूर्ति की जा रही है। याचिका में केन्द्र सरकार को मध्य प्रदेश की वर्तमान जनसंख्या के आधार पर कैरोसिन का आवंटन करने के निर्देश दिए जाएं। आवेदक की ओर से अधिवक्ता संजय पटेल द्वारा अपना पक्ष रखा गया। युगलपीठ के निर्देश पर केन्द्र सरकार की ओर से असिस्टेंट सॉलीसिटर जनरल राधेलाल गुप्ता और राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता सुधीर श्रीवास्तव ने नोटिस प्राप्त किए।
जल उपभोक्ता चुनाव पर रोक को चुनौती- जल उपभोक्ता संस्था उड़ना (पाटन) के चुनाव पर कलेक्टर द्वारा लगाई गई रोक को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। चीफ जस्टिस एके पटनायक और जस्टिस अजीत सिंह की युगलपीठ ने अनावेदकों को नोटिस जारी कर जवाब देने के निर्देश दिए हैं। दिनेश पटेल की ओर से दायर इस याचिका में कहा गया है कि रानी अवंती बाई लोधी सागर परियोजना के अन्तर्गत जल उपभोक्ता संस्था उड़ना के चुनाव 1 जुलाई को होना थे।
याचिका में आरोप है कि चुनाव अधिकारी एचपी शुक्ला ने मतदाता सूची में फेरबदल करके गलत ढंग से कृष्णा उरमलिया और कैलाश उरमलिया के नाम जोड़ दिए। मतदाता सूची के विवादित होने के कारण जिला कलेक्टर ने 30 जून 2009 को पूरी चुनाव प्रक्रिया पर रोक लगा दी थी। इस पूरी कार्रवाई को अवैधानिक बताते हुए यह याचिका दायर की गई। आवेदक की ओर से अधिवक्ता सत्येन्द्र ज्योतिषी और वीरेन्द्र उपाध्याय पैरवी कर रहे हैं।