रतलाम. शिक्षा विभाग कितने ही दावे कर ले वास्तविकता में शैक्षणिक व्यवस्थाओं में बहुत पोल है। शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता वाला दक्षता संवर्धन कार्यक्रम सिर्फ कागजों पर चल रहा है। शिक्षक बिना कॉपी जांचे ही फर्जी नंबर वेबसाइट पर भर रहे हैं।
यह शर्मनाक स्थिति है ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूलों की। लंबे अंतराल के बाद गुरुवार को बीईओ सी.एल. सालित्रा ने दल के साथ 17 स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण किया। 6 स्कूलों में गंभीर अनियमिताएं मिलीं। बीईओ ने दोषियों को नोटिस जारी किए व अव्यवस्थाओं को तत्काल दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं। दल में बीएसी रमेश गोदार, लक्ष्मी सेन, जनशिक्षक राममनोरथ पांडे, जितेंद्रसिंह चौहान, शांतिलाल बावेल शामिल थे।
निरीक्षण के दौरान प्रा.वि. बिरमावल में दक्षता संवर्धन की कॉपी बिना जांचे ही नंबर देना पाया गया। मासिक टेस्ट की कॉपियों के बंडल को खोला तक नहीं गया। बालिकाओं को सिर्फ एक ही गणवेश मिला। कन्या मा. वि. बिरमावल में कक्षा छठीं की बालिकाओं को दूसरा गणवेश नहीं मिला।
मासिक टेस्ट का अप्रैल से आज तक मूल्यांकन नहीं किया गया। फर्जी नंबरों की सूची बनाकर दे दी। प्रा.वि. व मा.वि. पीपलखूटा में स्कूल की छतों पर ग्रामीणों द्वारा मिर्च सुखाई जा रही है। साफ-सफाई का अभाव। प्रा.वि. उमरथाना में ऑफिस में आवारा कुत्ते घूम रहे थे। प्रधानाध्यापक ने पत्नी के नाम से मध्याह्न् भोजन का ठेका ले रखा है और वे भोजन बनाने के लिए नमक, मिर्च लेने गए हैं।
प्रा.वि. उनी में भवन के पास जानवर बंधे थे। एक ग्रामीण ने अस्थायी शौचालय बना लिया था जिसे तोड़ा गया। यहां मिले अच्छे हालात- प्रा.वि. पिपलौदी, प्रा.वि. छत्री, बालक मा.वि. बिरमावल, मा.वि. उनी, मा.वि. करमदी।
जिन स्कूलों में अनियमितताएं मिली हैं उनके प्रधानाचार्यो को निर्देश दिए हैं कि व्यवस्थाएं दुरुस्त करें। गंभीर गड़बड़ियां पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सी.एल. सालित्रा, विकासखंड शिक्षा अधिकारी