श्री वैष्णव प्रबंध संस्थान में एमसीए के स्टूडेंट्स के लिए शुक्रवार को ‘कम्प्यूटेशनल लर्निग’ पर सेमिनार आयोजित किया गया। इसमें विशेषज्ञों ने कम्प्यूटर लैंग्वेज के साथ उसके प्रोसेस को समझाया। इस मौके पर आईआईटी इंदौर के प्रो डॉ. नरेन्द्र चौधरी ने स्टूडेंट्स को एल्गोरिद्म के माध्यम से कम्प्यूटेशनल इंटरनल प्रोसेसिंग की जानकारी दी। उन्होंने बताया जिस तरह से हम किसी भाषा को सीखने के लिए ग्रामर, प्रेडिकेट, शब्द संयोजन का प्रयोग करते हैं उसी तरह कम्प्यूटर संचालित करने के लिए ‘चौमोसकी ग्रामर’ का उपयोग होता है, जिसके माध्यम से कम्प्यूटर सी, सी प्लस प्लस, जावा समेत अन्य प्रोग्रामिंग लैंग्वेज समझता है। उन्होंने वर्तमान युग में सॉफ्ट कम्प्यूटिंग गेमिंग के बढ़ते चलन की जानकारी देते हुए इस क्षेत्र में सुनहरे अवसरों से अवगत कराया। उन्होंने कहा माइक्रोसॉफ्ट जैसे कई सॉफ्टवेअर कम्पनी स्टूडेंट्स को गेम्स डिजाइ¨नग क्षेत्र में प्लेटफॉर्म प्रदान करने की दिशा में आगे आ रही हैं। इसलिए इस क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के बारे में कहा कि आने वाले समय में इस तकनीक का उपयोग रोबोटिक्स, ऑटो मोबाईल, ई-हाउसिंग के लिए काफी उपयोगी है। संयोजक पी.आर. पाल ने बताया स्टूडेंट्स की तकनीकी ज्ञान के साथ ही मैनेजमेंट गुणों में विकास करने के उद्देश्य से यह सेमिनार आयोजित हुआ।