उदयपुर. आईसीएलईआई (लोकल गवर्मेट फोर सस्टेनेबिलिटी), साउथ एशिया ने उदयपुर में कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए एक कार्य योजना तैयार की है, जिसमें स्ट्रीट लाइटिंग, परिवहन व्यवस्था, वाटर पंपिंग सिस्टम, कचरा प्रबंधन से संबंधित विषयों पर सुझाव उपलब्ध कराए हैं, जो शहर के कार्बन उत्र्सजन को कम करने में सहायता प्रदान करेंगे। इस सर्वे में उदयपुर शहर में प्रति व्यक्ति कार्बन उत्र्सजन 0.76 (वर्ष 07—08) टन व जयपुर शहर में प्रति व्यक्ति कार्बन उत्र्सजन 1.63 (वर्ष 07—08) टन है।
नगर परिषद आयुक्त बालमुकुंद असावा ने आईसीएलईआई, साउथ एशिया और ब्रिटिश हाइकमीशन को शहर के कार्बन उत्र्सजन के बारे में अध्ययन व विश्लेषण करने तथा कार्बन उत्र्सजन में कमी लाने वाले उपायों के लिए धन्यवाद दिया। असावा ने उदयपुर शहर को दक्षिणी एशियाई शहरों की टीम में शामिल करने व दिसंबंर में होने वाली सीओपी (क्रांफ्रेंस ऑफ पार्टीज) 15 में लिए जाने की बात पर खुशी जाहिर की। इस परियोजना के तहत उदयपुर नगर परिषद ने शहर में स्ट्रीट लाइट, परिवहन, वाटर पंपिंग, घरेलू, औद्योगिक, वाणिज्य संबंधित क्षेत्रों में होने वाले ऊर्जा उपभोग की सूचना प्रदान की। संस्था के प्रोजेक्ट ऑफिसर आशीष वर्मा ने बताया कि भारत देश में सबसे ज्यादा प्रति व्यक्ति कार्बन उत्सर्जन जमशेदपुर शहर में है , जो कि 2.76 टन (वर्ष 07—08) है। यहां पर औद्योगिक गतिविधियों के चलते यहां कार्बन उत्सर्जन बहु कम है