चूरू. ओवरलोडिंग और अवैध संचालन पर अंकुश लगाने के लिए प्रयासरत परिवहन विभाग ने अधिकारियों को और अधिक जवाबदेह बनाने के लिए राजस्व लक्ष्य दुगुने कर दिए हैं, साथ ही प्रतिदिन न्यूनतम चालान का लक्ष्य भी निर्धारित कर दिया है। इस नियम को लागू करने के पीछे विभाग का तर्क है कि खाली जुर्माने की राशि में बढ़ोतरी करने पर ही यातायात नियमों के प्रति लोगों द्वारा बरती जाने वाली लापरवाही पर अंकुश लगाना संभव नहीं था। ऐसे में जब परिवहन निरीक्षकों को प्रतिदिन के हिसाब से कार्रवाई करने के लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे, तो इन पर अपेक्षित लगाम लगाना संभव हो सकेगा।इसे लेकर उच्चाधिकारियों ने तीनों जिलों के प्रत्येक उड़नदस्ते की टीम को प्रतिदिन न्यूनतम 10 चालान बनाने अनिवार्य कर दिए हैं। गौरतलब रहे कि इससे पूर्व चालान को लेकर कोई निश्चित संख्या निर्धारित नहीं थी।
फीडबैक के बाद थमाएंगे चार्जशीट
परिवहन आयुक्त यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने के तहत प्रत्येक १५ दिन बाद स्वयं कार्य की प्रगति की समीक्षा करेंगे। इतना ही नहीं लक्ष्य प्राप्ति में सबसे निचले पायदान पर रहने वाले तीन जिला परिवहन अधिकारियों से वास्तविक कारण जानने के लिए आवश्यक नोटिस जारी किए जाएंगे। ऐसे में जानबूझ कर कार्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले निरीक्षकों व परिवहन अधिकारियों को चार्जशीट थमाने तक की कार्रवाई भी की जा सकती है।
जुर्माने की राशि. पहले और अब
पहले सीकर जिले का लक्ष्य 3.50 लाख रुपए था, जिसे अब बढ़ाकर 9 लाख रुपए कर दिया गया है। इसके साथ ही जिले के सभी परिवहन निरीक्षकों को प्रतिदिन 15 चालान की कार्रवाई को अनिवार्य कर दिया है। इसी प्रकार चूरू जिले में 5 की जगह 8 लाख करने के साथ ही प्रति निरीक्षक 10 चालान व झुंझुनुं जिले में तीन की जगह 9 लाख रुपए कर प्रति निरीक्षक 10 चालान की कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए गए हैं। गौरतलब रहे कि यह राशि केवल यातायात नियमों का उल्लघंन करने के तहत है। कुल राजस्व प्राप्ति की बात करें तो केवल चूरू जिले में ही पिछले वर्ष 16 करोड़ की तुलना में इस वर्ष 19 करोड़ से अधिक राजस्व प्राप्ति के लक्ष्यों का निर्धारण किया गया है।