सीकर. 25 सितंबर को आदेश जारी कर पातेय वेतन पर हेडमास्टर के पद पर नियुक्ति दी गई, ज्वाइनिंग भी फटाफाट करने का फरमान सुनाया गया, मगर 12 दिन बाद उन्हें वहां से हटाकर दूसरी स्कूल में भेजने के नए आदेश जारी कर दिए। इन शिक्षकों को उस वक्त दूसरी स्कूलों में भेजने का फैसला सुनाया गया है, जब अधिकतर हेडमास्टर अपना कार्यभार संभाल चुके हैं। हैरानी की बात यह है कि शिक्षा उपनिदेशक प्रारंभिक कार्यालय ने जिस तारीख को नए आदेश निकाले हैं, वह है 25 सितंबर।
अब सवाल यह है कि उपनिदेशक को बैक डेट में आदेश निकालने की जरूरत क्यों पड़ी? सूत्रों के मुताबिक, पिछले दिनों विधायकों की शिकायत पर सात अक्टूबर को राज्य के सभी डीईओ व उपनिदेशकों को जयपुर तलब किया था, जिसमें नई सूची जारी करने का निर्णय लिया गया। बताया जाता है कि शिक्षामंत्री ने विधायकों के सुझाए गए शिक्षकों को संबंधित स्कूलों में लगाने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद आठ अक्टूबर को उपनिदेशक प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय जयपुर ने बैक डेट यानी 25 सितंबर में नए आदेश जारी कर ज्वाइनिंग कर चुके हेडमास्टरों को दूसरी स्कूलों में लगा दिया। नई सूची में 21 हेडमास्टरों के नाम हैं। नई सूची के तहत हेडमास्टर्स को जिन नई स्कूलों में भेजा जा रहा है, वह 100 किलोमीटर तक दूर हैं।