Ratlam
फाइल तो मिल गई जरूरी कागज गायब
भास्कर न्यूज Saturday, October 10, 2009 07:26 [IST]  

रतलाम. एक ओर अधिकारियों की लंबी बैठकों को दौर चला तो दूसरी ओर भू-माफिया भी कलेक्टर ऑफिस में सक्रिय रहे। इस बेशकीमती जमीन की फाइल तो एसडीएम जे. एस. सलूजा के पास मिल गई है किंतु उसमें से कई महत्वपूर्ण कागज गायब हैं। इसके लिए कलेक्टर ने एक उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर जांच रिपोर्ट देने को कहा है। शुक्रवार को एसडीएम श्री सलूजा ने फाइल कलेक्टर महेंद्र ज्ञानी के समक्ष प्रस्तुत की।



उच्चस्तरीय कमेटी करेगी जांच-बहुचर्चित रतलाम आइस फैक्टरी की बेश कीमती जमीन के मामले में एक उच्चस्तरीय कमेटी का गठन किया गया है। इसमें एडीएम शेखर वर्मा, जिला पंचायत सीईओ के. आर. जैन तथा एसडीएम जे. एस. सलूजा को रखा गया है। समिति यह देखेगी कि इस फाइल में से महत्वपूर्ण दस्तावेज किस तरह गायब हो गए और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।



लोकायुक्त में मामला नस्तीबद्ध-अभी तक यह कहा जा रहा था कि लोकायुक्त में मामला पंजीबद्ध है और शिकायत शाखा के अंतर्गत बहुचर्चित रतलाम आइस फैक्टरी की बेशकीमती जमीन के कागज उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। अब मामले में नया मोड़ आ गया है। 4 अक्टूबर 2008 में फाइल और विभिन्न कोर्ट के फैसले को लेकर कलेक्टर महेंद्र ज्ञानी लोकायुक्त के समक्ष भोपाल में प्रस्तुत हुए थे।



कलेक्टर ने जमीन संबंधी विभिन्न राजस्व कोर्ट में चल रहे मामलों का संक्षिप्त विवरण लोकायुक्त में प्रस्तुत किया था। इस जानकारी का सारांश एसडीएम श्री सलूजा द्वारा तैयार किया गया था जिसमें भू-अभिलेख अधिनियम धारा 182 के तहत कथित शासकीय पट्टेदार योगेंद्रनाथ पुरी के आवेदन 12 जुलाई 1993 का हवाला देकर उनका स्वामित्व का मान लिया गया था।



कलेक्टर द्वारा प्रकरण को रखे जाने के बाद लोकायुक्त ने 22 जनवरी २क्क्९ को आइस फैक्टरी की बेशकीमती जमीन के मामले को नस्तीबद्ध कर दिया। इसके बाद 29 जनवरी 2009 को लोकायुक्त ने प्रकरण समाप्त करने के साथ ही इसकी सूचना भी कलेक्टर को दे दी थी।



दोनों विधायक पहुंचे कलेक्टोरेट



बहुचर्चित रतलाम आइस फैक्टरी मामले में कलेक्टोरेट में जहां दिनभर गहमागहमी रही वहीं शाम 7.30 बजे विधायक पारस सकलेचा और आलोट विधायक श्री ऊंटवाल ने इस जमीन के महत्वपूर्ण दस्तावेज के संबंध में अधिकारियों से बात की। इसके साथ ही अन्य भूमि जिनकी लीज मियाद खत्म हो गई है उसके बारे में भी पूछताछ की।



पूर्व गृह मंत्री को भी अवगत कराया



बहुचर्चित रतलाम आइस फैक्टरी की बेशकीमती जमीन के मामले में जिला प्रशासन ने तत्कालीन गृह एवं परिवहन मंत्री को पत्र का हवाला देते हुए अवगत कराया था। वे प्रशासन की कार्रवाई से संतुष्ट थे। अब इस मामले में शिकायतकर्ता न्यायालय का दरवाजा खटखटाने की बात कर रहे हैं।

 
 


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