चंडीगढ़. भारतीय किताबें और फिल्में इटली के लोगों के बीच मशहूर हैं। इनके जरिये इटली के लोग भारतीय संस्कृति को समझने की कोशिश करते हैं। यह कहना है इटैलियन एम्बैसी की फस्र्ट सेक्रेटरी सारा एती कैस्तेलानी का। शनिवार को सारा चंडीगढ़ कॉलेज ऑफ आर्किटेक्चर में ‘ली काबरूजिए दिवस’ के समापन समारोह में मौजूद थीं।
उन्होंने बताया कि इटली में भारतीय किताबों की एग्जीबिशन लगती रहती है। जल्द ही फ्लोरेंस प्रांत में भारतीय फिल्म फेस्टिवल का आयोजन भी होने जा रहा है। दोनों देशों में नजदीकियां लाने के लिए ‘इन्वेस्ट टैलेंट इन इटली’ प्रोग्राम की शुरुआत की है। इसके जरिए ज्यादा से ज्यादा विद्यार्थी इटली में पढ़ने के लिए आ सकते हैं।
मंदी के बावजूद भारत इटली के द्विपक्षीय कारोबर में 50 फीसदी का इजाफा हुआ है। सारा ने कहा कि यूरोप के दूसरे देशों के मुकाबले इटली में हायर स्टडीज के लिए आने वाले विद्यार्थियों की तादाद कम है। विद्यार्थियों को भ्रम है कि उन्हें इटैलियन भाषा में समस्या आएगी, जबकि हकीकत यह है कि अब कई यूनिवर्सिटीÊा व कॉलेजों में अंग्रेजी ही पढ़ाने का माध्यम है।
वैसे भारतीय विद्यार्थियों में इटैलियन सीखने की उत्सुकता काफी ज्यादा है। इसलिए हमने तय किया है कि भारत की कुछ यूनिवर्सिटीज व कॉलेजों के साथ टाईअप किया जाए। इसके तहत हम इटली से टीचर्स को भारत में पढ़ाने के लिए भेजेंगे। इस मौके पर इटैलियन आर्किटेक्ट स्टेफैनो बोएरी भी मौजूद रहे। बोएरी द्वारा किए गए कामों को एक एग्जीबिशन के जरिये दिखाया गया।