भोपाल. यदि आपके खाली भूखंड में पानी भरा हुआ है या फिर कचरा जमा हुआ है तो उसे जल्द से जल्द साफ कर दीजिए। ऐसा न हो कि इसके लिए आपको कानूनी पचड़े में पड़कर अर्थदंड भुगतना पड़े। राजधानी में डेंगू-मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियों के प्रकोप को देखते हुए नगर निगम ऐसे भूस्वामियों को नोटिस जारी करने की तैयारी कर रहा है। भूखंडों में जमा पानी और कचरे से बीमारियां फैलने की आशंका जताते हुए भास्कर ने शनिवार को इस संबंध में खबर प्रकाशित कर निगम को आगाह किया था।
निगम अधिकारी एक सप्ताह के भीतर ऐसे भूखंडों की सूची तैयार कर नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कह रहे हैं। यह नोटिस नगर पालिक निगम अधिनियम 1956 के तहत जारी किए जाएंगे। नोटिस की अवहेलना करने पर नगर निगम संबंधित भूस्वामी के विरुद्ध अधिनियम में अर्थदंड का प्रावधान भी है। अर्थदंड भूखंड के क्षेत्रफल, स्थिति और उससे प्रभावित होने वाले क्षेत्र के आधार पर तय होता है।
..तो सैकड़ों भूस्वामियों पर होगी कार्रवाई
नगर निगम की नोटिस और अर्थदंड की कार्रवाई में सैकड़ों भूस्वामी के आने की संभावना है। राजधानी में जमीन संबंधी मामलों से जुड़े लोगों की मानें तो प्रति कॉलोनी छोटे-बड़े मिलाकर करीब पांच ऐसे भूखंड है, जहां पानी जमा है। कचरा भरे भूखंडों की संख्या इससे कई गुना अधिक है। एमपीनगर में ही विद्याभवन के सामने, प्रेस कॉम्प्लेस, डी-सेक्टर आदि क्षेत्रों में खाली भूखंडों पर पानी जमा हुआ है।
साफ होगी गंदगी
नगर निगम यदि नोटिस की कार्रवाई में पूरी ईमानदारी रखता है तो शहर को गंदे पानी और कचरे से निजात दिलाने के लिए उठाया गया यह एक बड़ा कदम होगा। पर्यावरणविद् डॉ. सुभाष पांडे के अनुसार गंदगी साफ होने से मच्छरों के साथ ही कीटाणुओं से शहर को राहत मिल जाएगी।
दो स्थानों से निकाला पानी
भास्कर में खबर प्रकाशित होने के बाद नगर निगम के अमले ने एमपी नगर के चित्तौड़ काम्प्लेक्स के सामने तथा विद्याभवन के पास भरे गड्ढ़ों से पानी निकालने की कार्रवाई की। निगम के दल ने इन गड्ढ़ों से पंप के माध्यम से पानी निकाला।
जोन प्रभारियों को पानी, कचराभरे भूखंडों की जानकारी एकत्रित करने के निर्देश दिए गए हैं। जानकारी सामने आने के बाद उनसे सफाई के लिए कहा जाएगा। ऐसा नहीं करने वालों पर नगर पालिक निगम अधिनियम के तहत अर्थदंड किया जाएगा। - मनीषसिंह, निगमायुक्त