Jabalpur
मकान हमारे, मालिक हम नहीं
bhaskar news Sunday, October 11, 2009 03:41 [IST]  

जबलपुर. घर खुद का, लेकिन मालिक नहीं और फर्जीवाड़ा करने वालों पर प्रशासन की इनायत देखकर महाराजपुर के सैकड़ों बाशिन्दे रोज खून का घूंट पीते हैं और किस्मत को कोसते हैं कि आखिर किस पल में उन्होंने यहां मकान बनाने का सपना देखा। जी हां, महाराजपुर की कॉस्मोपोलिटन सोसाइटी से प्लॉट खरीद कर मकान बनाने वाले एक नहीं कम से कम एक सैकड़ा लोग वर्षो से परेशान हैं। इन लोगों की परेशानी यह है कि जब इन्होंने प्लॉट खरीदा तो सोसाइटी ने यह नहीं बताया कि इस जमीन का न्यायालय में कोई मामला है।



मकान बनाने के बाद जब लोग रहने लगे तो अब पता चला कि उनका मकान न तो किसी को बेचा जा सकता है और न ही इस मकान के दम पर कोई बैंक उन्हें ऋण देगा, क्योंकि यहां की जमीन सीलिंग में चली गई है। सवाल यह उठता है कि जब सोसाइटी को कॉलोनाइजर लायसेंस जारी किया गया, रजिस्ट्रेशन नम्बर जारी किया गया, यहां तक की टाउन एंड कंट्री प्लानिंग ने एनओसी भी प्रदान की, तब क्या इन विभागों के अधिकारियों को भी नहीं पता था कि सोसाइटी जिस जमीन को बेच रही है, उसका न्यायालय में मामला चल रहा है या फिर ये सारी औपचारिकताएं नोटों के ढेर में दब कर रह गईं। अब जबकि दैनिक भास्कर ने लोगों को न्याय दिलाने की मुहिम शुरू की है तो यहां का हर बाशिन्दा खुश है और यह उम्मीद भी जाग गई है कि उन्हें न्याय मिलेगा। तब के अधिकारी तो अब नहीं रहे, लेकिन अब जो हैं वे कम से कम इनका दर्द समझें और सच्ची और अच्छी कार्रवाई करें।

 
 


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