अलवर. नगर परिषद चुनाव की तैयारी के तहत मतदाता सूची पर दावों व आपत्तियों की सुनवाई के बाद एक हजार मतदाता और बढ़ गए हैं।
यह संख्या अस्थाई सूची में शामिल मतदाताओं की आधा फीसदी है। संशोधित मतदाता सूची में दो लाख तीन हजार से अधिक मतदाता हो जाएंगे। दावों व आपत्तियों पर शनिवार को यहां तहसील में कार्यवाहक तहसीलदार विजयसिंह चौधरी ने सुनवाई कर निर्णय लिए।
दावों व आपत्तियों की पड़ताल के दौरान नागरिकों में जागरुकता के अभाव की बात भी सामने आई। एक ऐसा आवेदन भी खारिज किया गया, जिसमें संबंधित परिवार ने अन्य स्थान पर वोट होने की बात कही और जांच में यह भी बताया कि उन्होंने इसके लिए आवेदन ही नहीं किया। शनिवार को कुछ ऐसे नागरिक भी तहसील पहुंचे जिनके नाम मतदाता सूची में नहीं जुड़ पाए और न ही वे नाम जोड़ने के लिए निर्धारित तिथि तक आवेदन कर पाए थे।
चक्कर वार्ड का, मतदाता चकराया
मतदाताओं को अभी तक पूरी तरह ये यह जानकारी नहीं है कि वे कौनसे वार्ड के निवासी हैं। तहसील में आए रामकिशन पुत्र कौड़ाराम निवासी कल्लूपाड़ा ने बताया कि उसका विधानसभा और लोकसभा की सूची में नाम है। नगरपरिषद के पिछले चुनाव में मतदाता सूची में उसका नाम नहीं था, जबकि परिवार के अन्य सदस्यों का नाम था। इस बार उसका वार्ड 43 की मतदाता सूची में नाम नहीं है।
आगे क्या होगा ?
निर्वाचन विभाग के अनुसार नगरपरिषद की अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 21 अक्टूबर को कर दिया जाएगा। इसके बावजूद वोटर लिस्ट में शामिल होने से वंचित मतदाताओं के पास नाम जुड़वाने का अंतिम अवसर मिलेगा। इसके तहत वे नगरपरिषद चुनाव की अधिसूचना जारी होने के तत्काल बाद निर्धारित तिथि तक एडीएम (शहर) के समक्ष नाम जोड़ने के लिए आवेदन कर सकेंगे।
.. और नहीं बने आठ वोट
वार्ड 27 परिवार के आठ सदस्यों के नाम जोड़ने के लिए आवेदन पर जांच में पाया गया कि उनके वोट अन्य स्थान पर हैं। उन्होंने इसके लिए आवेदन भी नहीं किया। इस पर नाम जोड़ने का यह दावा खारिज कर दिया गया।
यूं बढ़े मतदाता
305 आवेदन आए
1120 मतदाताओं के नाम जोड़े गए
140 दावे व आपत्तियां प्राप्त हुईं
107 नाम मतदाता सूचियों से काटे गए
1013 मतदाता सूची में